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4जी डोंगल लेने से पहले एयरटेल यूजर्स सावधान

Sat, 21 Mar 2015 05:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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एयरटेल यूजर्स अगर 4जी डोंगल लेने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जानकारी वर्धक हो सकती है। उपभोक्ता अदालत फोरम ने फोर-जी स्पीड वाले डोंगल के बढ़िया तरीके से काम न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए एयरटेल भारती के खिलाफ फैसला सुनाया है।
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फोरम ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि उपभोक्ता को पुराने डोंगल की जगह नया डोंगल दें। साथ ही यह भी तय करे कि इससे उपभोक्ता पूरी तरह संतुष्ट होना चाहिए। या फिर कंपनी को उपभोक्ता को पहले डोंगल की कीमत 1200 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देनी होगी। ब्याज उस तिथि से देना होगा, जब से उपभोक्ता ने डोंगल खरीदा था।

इसके अलावा दो हजार रुपये उपभोक्ता को हुई मानसिक और शारीरिक के रूप में देने होंगे। यह सारी रकम कंपनी को एक महीने में भरनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम में इस संबंधी केस सेक्टर-69 निवासी राजिंदर सिंह ने दाखिला किया था।
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डोंगल में खराबी की ‌शिकायत थी

याची ने अदालत को बताया था कि उसने एयरटेल से अप्रैल 2014 में फोर जी डोंगल 1200 रुपये में खरीदा था। जिसका मंथली प्लान 1125 रुपये था। प्लान में दस जीवी डॉटा ब्रेक फोर-जी डॉटा मिलने की बात कहीं गई थी।

इसलिए उन्होंने इसे अपने आफिस में प्रयोग में रखा। डोंगल खरीदने के समय कंपनी के अधिकारियों ने उसे पूरा भरोसा दिलाया था कि यह आपकी जरूरत के हिसाब से सही रहेगा।

याची ने बताया कि डोंगल खरीदने के कुछ दिन बाद काफी बढ़िया तरीके से चली, लेकिन मई -2014 में डोंगल ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद वह कंपनी के आफिस गए। साथ ही अपनी समस्या के बारे में विस्तार से अधिकारियों को बताया।

फिर कंपनी वालों ने उनकी डोंगल को ठीक किया। इसके बाद डोंगल बढ़िया तरीके से काम करने लगी, लेकिन जून-2014 में फिर से डोंगल में खराबी आनी शुरू हो गई।
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वारंटी में होने पर भी नहीं बदला डोंगल

डोंगल में खराबी आने के बाद उन्होंने 24 जून 2014 को कंपनी के कस्टमर केयर पर अधिकारियों को शिकायत भेजी। अगले ही दिन कंपनी के एक मुलाजिम होशियार सिंह ने उनके आफिस की विजिट की। इस दौरान जब उन्होंने डोंगल की चेकिंग की तो पाया कि वह सही तरीके से काम नहीं कर रही थी। उसमें सिग्नल कमजोर आ रहे थे।

इसके बाद उन्होंने कस्टमर केयर पर फोन किया या तो उनकी समस्या को ठीक किया जाए या फिर डोंगल को रिप्लेस किया जाए। क्योंकि डोंगल उस समय वारंटी पीरियड में चल रही थी, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें डोंगल रिप्लेस करने से साफ मना कर दिया। साथ ही कहा कि वह उनके लिए कुछ भी नहीं कर सकते।

क्योंकि उनके एरिया में सिंग्नल कमजोर हं, लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कई बार कंपनी के आफिस जाते रहे। इसके बाद उन्होंने कंपनी के खिलाफ अदालत में केस लगाया। अदालत ने कंपनी को नोटिस जारी किए। लेकिन अदालत में कंपनी की तरफ से कोई पेश नहीं हुआ।
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