बठिंडा में पंजाब भाजपा अध्यक्ष के दौरे को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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भारतीय जनता पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अश्वनी शर्मा शनिवार को बठिंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती समागम स्थल पर तोड़फोड़ करने वालों पर जब तक पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तब तक मैं बठिंडा में रहूंगा।
शर्मा ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने हमला किया था वे किसान नहीं थे बल्कि गुंडा तत्व थे। अश्वनी शर्मा शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बठिंडा पहुंचे। जिस होटल में शर्मा रुके थे उसे पुलिस ने चारों ने तरफ से घेर रखा था। होटल जाने वाले हर रास्ते पर नाकाबंदी की गई थी। वहीं शर्मा के पहुंचने की जानकारी मिलते ही किसानों ने मित्तल मॉल के बाहर धरना लगा दिया।
शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर भाजपा को कई जगह किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बठिंडा में किसानों ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में घुसकर कुर्सियां आदि तोड़ दी थी। शुक्रवार के प्रदर्शन से अलर्ट जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए। शर्मा की सुरक्षा को लेकर उक्त एरिया को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया है। अश्वनी शर्मा के आने को लेकर जिला पुलिस की ओर से विभिन्न जगहों पर नाकाबंदी कर करीब 900 पुलिस कर्मी तैनात किए। वहीं शर्मा का विरोध करने के लिए किसान भी मित्तल मॉल के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
शर्मा ने कहा कि समागम में खलल डालने को लेकर पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस की मौजूदगी में कांग्रेस की शह पर हमला किया गया। मुख्यमंत्री के राज में प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। कानून व्यवस्था का बुरा हाल है।
उन्होंने कहा कि किसानों ने जब कृषि कानूनों का विरोध शुरू किया था तब उनकी किसान नेताओं के साथ पंजाब में बैठक हुई थी। बैठक में किसानों ने अपनी तीन मांगें एमएसपी, मंडीकरण, एसडीएम पर अदालत में केस करने की बात रखी थी। इसे केंद्र सरकार ने मानते हुए कृषि कानूनों में संशोधन की बात कही थी लेकिन किसान कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। किसानों को अपनी जिद छोड़ देश के भले के लिए आंदोलन खत्म कर देना चाहिए।
सुखबीर बादल के बयान पर शर्मा ने कहा कि सुखबीर गलत बयान देकर पंजाब में अकाली दल की साख को बचाना चाहते हैं। बठिंडा के एसएसपी भूपिंदर जीत सिंह ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए 900 पुलिस कर्मी शहर के विभिन्न नाकाबंदी प्वाइंट पर तैनात किए गए हैं।