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बठिंडा ब्लास्ट: पीड़ितों के लिए मुआवजा राशि जारी, कमेटी का भी गठन

Thu, 16 Feb 2017 07:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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मौड़ मंडी में धमाका - फोटो : File Photo
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मौड़ मंडी ब्लास्ट में मृतकों और घायलों के लिए चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद पंजाब सरकार ने मुआवजा राशि जिला प्रशासन के पास चेक के जरिये भेज दी है। इसकी डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी की ओर से क्लीयरेंस करवाई जा रही है। पंजाब सरकार ने घायलों को 50 हजार और मृतकों के परिवारों को पांच लाख रुपये मुआवजे की राशि भेजी है।
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 इस ब्लास्ट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 13 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। डीसी घनश्याम थोरी ने बताया कि इस ब्लास्ट के बाद पंजाब सरकार ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा था। इसमें सरकार ने आयोग को बताया था कि वह इस ब्लास्ट के पीड़ित लोगों को मुआवजा राशि प्रदान करना चाहती है।

बुधवार को चुनाव आयोग ने प्रदेश सरकार को उक्त मुआवजा जारी करने के लिए मंजूरी दे दी है। साथ में यह भी हिदायतें की है कि इस मुआवजा राशि को कोई भी राजनीतिक पार्टी का नेता पीड़ितों को नहीं बांटेगा, सिर्फ जिला प्रशासन ही बांटेगा।
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ब्लास्ट मामले में मौड़ बंब कांड संघर्ष कमेटी गठित

- फोटो : File Photo
मौड़ मंडी ब्लास्ट में मृतकोें को इंसाफ दिलाने के लिए मौड़ बंब कांड संघर्ष कमेटी का गठन किया गया है। उक्त कमेटी मंडी के लोगों के साथ शुक्रवार को एक बैठक करेगी। इसमें पीड़ितों को इंसाफ दिलाने और अपनी नौ मांगो को पूरा करवाने के लिए आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस कमेटी को मंडी के लोगों ने ही गठित किया है। कमेटी ने जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार के सामने पहले 11 मांगें रखी थीं, लेकिन अब 9 मांगें कर दी गई हैं। 

मंडी निवासियों ने मांग की है कि ब्लास्ट में मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये और घायलों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। साथ ही मृतक के एक परिजन को सरकारी नौकरी एवं आतंकवाद पीड़ित परिवार श्रेणी में लाया जाए। मंडी में सिविल अस्पताल में फायर ब्रिगेड को आधुनिक सुविधाओं से लेस किया जाए। 

घटना के दौरान प्राइवेट डॉक्टर की ओर से लोगों से किए गए दुर्व्यवहार और लापरवाही करने के आरोप में डॉक्टर पर कानूनी कार्रवाई की जाए। घायलों को लेकर जा रही प्राइवेट अस्पताल की एंबुलेंस की ओर से अवैध बसूली व बच्चों को आक्सीजन न देने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मंडी निवासियों ने ब्लास्ट में जान गंवा चुके लोगों की याद में स्मारक बनाने की मांग की है।  हादसे में मारे गए चार बच्चों बरखा रानी, जससिमरन सिंह, गौरव सिंगला, रिपनदीप सिंह के परिवारों का रो-रो कर बुरा हाल है।

‘पुलिस नहीं लगा पाई आरोपियों का पता’
ब्लास्ट मामले में पुलिस के हाथ अभी तक कोई भी सुराग नहीं लगा है, जिससे आरोपियों तक पहुंच जाए। वहीं अधिकारी लगातार एक ही दावा करते आ रहे हैं कि पुलिस जल्द ही इस ब्लास्ट के आरोपियों को बेनकाब करेगी। मंडी निवासियों में लगातार पुलिस के प्रति गुस्सा पनपता जा रहा है। 
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