बेहतरीन आर्टिस्ट की छोटी सी पहचान। नाम विनोद कपूर...उम्र 78 वर्ष और शौक पेंटिंग करना और बचपन के इस शौक ने उन्हें इंटरनेशनल आर्टिस्ट बना दिया।बेशक उनकी पहचान छोटी है पर उनके काम बड़े। चाहे वाटर कलर और ऑयल कलर से पेंटिंग तैयार करना हो या पेंसिल से आर्ट तैयार करना, वह सभी में माहिर हैं। यूं तो मिसेज विनोद कपूर को आर्ट की यह ललक बचपन से ही थी पर असल ललक तब जगी, जब उनके बच्चे विदेश चले गए। करीब 27 वर्ष पहले जब उन्होंने ब्रश उठाया तो उनकी कला के लिए दीवानगी बढ़ती चली गई। इसका परिणाम यह निकला कि उनकी पेंटिंग से उनका पूरा घर सजा है और अब ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलयेशिया में भी उनकी पेंटिंग धमाल मचा रही हैं।
अब यही पेंटिंग उनकी जिंदगी में रोजाना एक नई उमंग भरती है। मूल रूप से मुरादाबाद की रहने वाली मिसेज विनोद कपूर ने बताया कि बचपन में वह उन्होंने पेंटिंग का शौक था। जब उन्होंने बचपन में अपनी पहली पेंटिंग तैयार की तो दादा ने कहा कि इसे मढ़वा दें क्या? उन्होंने कहा कि उस समय उनको इस बात का गुमान नहीं था कि कभी उनकी पेंटिंग के लिए लोग इतने क्रेजी होंगे। उन्होंने बताया कि वह आयल पेंट और वाटर कलर से पेंटिंग करती हैं।
सेक्टर-18 में रहने वाली मिसेज विनोद कपूर ने कहा कि वह अपनी पेंटिंग को तैयार करने के लिए कई बार फोटोग्राफ का सहारा लेती हैं तो कभी खुद क्रिएशन करती हैं। मिसेज विनोद कपूर ने कहा कि उन्होंने मलयेशिया में एक्जिबिशन लगाईं तो 130 पेंटिंग्स में 70 से ज्यादा बिक गईं। उसमें से एक पेंटिंग नौ सौ डॉलर में बिकी।
अमेरिकन और चीनी कलाकार से सीखी आर्ट
विनोद कपूर ने बताया कि उन्होंने कला की बारीकियों को अमेरिका में भी सीखा और एक चीनी कलाकार से भी सीखा। उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है।
पहले रोटी बनाती हैं फिर पेंटिंग्स
विनोद कपूर ने बताया कि वह रोजाना सुबह उठकर योग करने जाती हैं। उसके बाद आकर सब्जी काटती हैं और थोड़ा आराम करने के बाद रोटी बनाती हैं। कोशिश यह होती है कि जल्द से जल्द अपने लिए रोटी बना लें, जिससे पेंटिंग के लिए ज्यादा समय मिल सके।
चार घंटे में तैयार होती है पेंटिंग
उन्होंने बताया कि उनकी एक पेंटिंग औसतन चार घंटे में तैयार हो जाती है। उनकी पेंटिंग में प्रकृति, पक्षियों के साथ ही भक्ति भी रहती है। अब वह बच्चों को पेंटिंग सिखाती भी हैं, जिससे कला का प्रचार प्रसार किया जा सके।
अवार्ड भी मिला है
विनोद कपूर ने बताया कि पंजाब ललित कला अकादमी की ओर से उन्हें अवार्ड प्रदान किया गया और उसके बाद महिला सशक्तीकरण के लिए नीरजा भनोट अवार्ड से सम्मानित किया गया।