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वाह रे छोरे! 9 साल की उम्र और 100 मेडल, लंदन को पछाड़ जीता गोल्ड

Mon, 10 Oct 2016 09:23 AM IST
गौरव चौहान/अमर उजाला, पंचकूला
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सौ पदकों का बादशाह पंचकूला का स्केटर तनय
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इस छोरे का कमाल देखिए, मात्र 9 साल की उम्र में 100 पदकों का बादशाह बन गया। अब लंदन को पछाड़कर गोल्ड जीता है। पंचकूला निवासी तनय ने लंदन के ग्रेव सेंट साइकिलोपार्क कैंट में गांधी जयंती के मौके पर आयोजित एफआईएसएस (फेडरेशन ऑफ इनलाइन स्पीड स्केटिंग लंदन) की ओर से आयोजित ब्रिटिश ओपन स्केटिंग मैराथन में गोल्ड मेडल जीता है।
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तीन किलोमीटर की इस रेस में तनय ने किसी प्रतिद्वंद्वी को अपने पास नहीं फटकने दिया। सेंट जोंस हाईस्कूल चंडीगढ़ के चौथी क्लास के स्टूडेंट के लिए यह टास्क थोड़ा कठिन था। यहां फ्रांस और लंदन के स्पीड स्केटरों के साथ अन्य देशों के आठ स्केटर थे। तनय चार राउंड में आगे रहा, लेकिन उसके बाद लंदन के स्केटर ने उनको ओवरटेक कर लिया।

सात लैप की इस रेस में तनय ने पांचवें राउंड में उसे ओवरटेक कर गोल्ड अपने नाम किया। नौ साल में तनय जीएस चौहान ने सौ मेडल अपने नाम किए हैं। छोटी सी उम्र और पहियों पर जबरदस्त कंट्रोेल तो कोई तनय से सीखे। उनके इसी कंट्रोल ने उसे नौ साल की उम्र में सौ से ज्यादा मेडल दिलाएं हैं।
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तनय को मां ने बनाया स्पीडकिंग

रिज मैदान पर आयोजित रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में भाग लेते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
तनय ने बताया कि उसने स्पीड पर कंट्रोल करते हुए लंदन के स्केटर को ओवरटेक किया। तनय ने बताया कि वास्तव में यह स्पीड उनकी मां तान्या जीएस चौहान की देन है। वही रोजाना उसे सुबह तीन बजे से रोड प्रेक्टिस के लिए पंचकूला की अलग अलग लोकेशन पर ले जाती हैं। तनय की मां तान्या ने बताया कि चार वर्ष की उम्र से ही तनय ने स्केटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया था।

अब नेशनल पर है तनय की नजर
तनय ने बताया कि अब वह कोच चंदर सिंहल के साथ एसजीएफआई द्वारा आयोजित नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रहा है। कोच चंदर सिंहल ने बताया कि वह इसके लिए रोजाना बीस से 22 किलोमीटर का वर्कआउट करता है।
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