अपने लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन इन 5 युवकों ने लोगों के लिए एक काम करके वो मिसाल कायम की, आप भी सेल्यूट करेंगे। पंजाब के पठानकोट निवासी 5 युवकों को अपने करीबियों के इलाज के दौरान खून की जरूरत को पूरा करने में आईं दिक्कतों ने इस कदर हिला दिया कि उन्होंने रक्तदान के लिए सोसाइटी ही बना डाली।
पांच युवाओं की पहल से बनी ‘टीम पठानकोट ब्लड डोनर एंड वेलफेयर सोसाइटी’ से आज पठानकोट के करीब पांच हजार रक्तदाता जुड़ चुके हैं। इनमें 500 से अधिक महिला रक्तदाता भी शामिल हैं।
दीनानगर व पठानकोट आतंकी हमले में घायल हुए जवानों व मरीजों को भी उक्त सोसाइटी के रक्तदाता रक्त दे चुके हैं। पिछले माह जिला स्तरीय स्वतंत्रता समागम पर भी सोसाइटी को सम्मानित किया जा चुका है। यह सोसाइटी टीबी के एक मरीज को एक माह से रोजाना दो यूनिट रक्त दे रही है।
पांचों युवकों ने ऐसे सुनाई दर्द की कहानी
रक्तदान शिविर
- फोटो : demo pic
2013 में सोसाइटी का गठन करने वाले और मौजूदा समय में सोसाइटी में चीफ कोआर्डिनेटर अनिल कुमार, रवनीत सिंह, दीपक, अंकुर व कृष्णा का कहना है कि उन सबके जीवन में एक समय ऐसा आया जब रक्त उपलब्ध करवाना मुश्किल था। इसके बाद उन्होंने ऐसी संस्था बनाने की ठान ली।
अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 में उनकी मां की हार्ट सर्जरी के दौरान 14 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी थी। कृष्णा ने बताया कि एक एक्सीडेंट में घायल होने पर उनके भाई को अचानक 28 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ी थी।
उन्होंने बताया कि बताया कि वह रक्तदान के बाद मरीज के परिजनों को भी रक्तदान के लिए आगे आने को प्रोत्साहित करते हैं। यही वजह है कि सोसाइटी के 65 प्रतिशत रक्तदाता उन मरीजों के ही परिजन हैं जिन्होंने खुद कभी सोसाइटी से रक्त के लिए गुहार लगाई थी।
उनकी सोसाइटी में पंजाब पुलिस, एमईएस, शिक्षा, मेडिकल डिफेंस, मीडिया, नगर निगम, सिविल अस्पताल के लोग रक्तदाता की भूमिका निभा रहे हैं।
पांचों युवक कर चुके हैं 139 बार रक्तदान
blood donation camp
- फोटो : File Photo
चीफ कोआर्डिनेटर की भूमिका निभा रहे पांचों युवा खुद भी कुल 139 बार रक्तदान कर चुके हैं। सबसे कम उपलब्धता वाले यानी ओ नेगेटिव रक्त के एक डोनर अमित शर्मा 83 बार रक्तदान कर चुके हैं। सोसाइटी हर साल दो कैंप भी लगाती है। इसमें 100 से अधिक यूनिट रक्तदान किया जाता है।
सोसाइटी जल्द बनाएगी वेबसाइट
सोसाइटी प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने लोगों तक आसानी से पहुंचने के लिए व्हाट्स ऐप ग्रुप बना रखा है। उनकी सोसाइटी टिवट्र व फेसबुक पर भी ब्रेव ह्यूमन नाम के अकाउंट से वह सक्रिय हैं।
यही नहीं जल्द ही सोसाइटी अपनी एक वेबसाइट शुरू करने जा रही है ताकि मरीजों को रक्त उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया में और तेजी लाई जा सके। उन्होंने बताया कि उनकी सोसाइटी ‘कीप डोनेटिंग ब्लड, कीप स्प्रेडिंग स्माइल’ के उद्देश्य से इसी प्रकार जन सेवा में लगी रहेगी।