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गैर बिरादरी 'प्यार' के लिए राजकुमार के संघर्ष पर खूब बजीं तालियां

Tue, 28 Jun 2016 11:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टैगोर थियेटर में नाटक का मंचन करते अभिनेता - फोटो : amar ujala
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विलियम शेक्सपीयर के मर्चेंट ऑफ वेनिस का हिंदी भारतीयकरण पर आधारित सौदागर नाटक का टैगोर थिएटर में मंचन। दरअसल सेक्टर - 18 स्थित टैगोर थिएटर में  मंगलवार को फिल्म एंड थिएटर सोसायटी थिएटर ग्रुप दिल्ली की ओर से सौदागर नाटक का मंचन किया गया। नाटक का आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से कराया गया है। नाटक का निर्देशन अतुल सत्य कौशिक ने किया ।
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 यह नाटक विलियम शेक्सपीयर के मर्चेंट ऑफ वेनिस का हिंदी भारतीयकरण किया है। इसकी कहानी को चित्तौड़ राज्य केंद्रित किया गया था।  1.50 घंटे के इस नाटक को देख दर्शक खुश हो गए। नाटक में दिखाया गया है कि राजकुमार कुवर बसंत को प्रियंवदा नामक राजकुमारी से प्यार हो जाता है। वह दोनों एक बिरादरी के नहीं हैं। बिरादरी एक नहीं होने पर उनके परिजनों की बीच विवाद भी होता है।

कुंवर बसंत अपने प्यार को पाने के लिए हर शर्त स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाते हैं। शेख  की शर्तों पर वह खरे उतरते हैं। इसके बाद वह प्रियंवदा को हासिल कर लेते हैं। नाटक के माध्यम से भारतीय समाज में  परंपराओं के नाम पर जिस तरह से लोगों का  शोषण किया जाता है, कलाकारों ने उसे बहुत ही जीवंत प्रस्तुत किया। नाटक के अंत में टैगोर थिएटर का ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस नाटक में मंच सज्जा बेहतरीन की गई थी। यनाटक के आधार पर मंच की लाइटिंग बहुत अच्छी दुरूस्त की गई। 
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