डाक्टर मनप्रीत सिद्धू ने उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया
पंजाब पुलिस की एक और करतूत सामने आई है। पुलिस चौकी में जिस युवक को पीटते पीटते लाई थी, उसने वही सल्फास खा लिया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मामले में आज दो पुलिसवाले सस्पेंड कर दिए गए हैं। घटना, बीते दिन पंजाब के बरनाला में हुई। मामले को लेकर आज सुबह से ही लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने थाने को जलाने की कोशिश भी की। गुरुवार को पूरा हंडियाया गांव बंद रहा। पुलिस चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह और थाने के मुंशी सुधाकर सिंह पर 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को सस्पेंड कर दिया है।
बुधवार को सिविल अस्पताल में दाखिल बलदेव सिंह ने बताया कि पुलिस ने उसे हंडियाया चौक से उठा लिया और चौकी ले जाकर उससे खूब मारपीट की। उसके पास 20 हजार रुपये थे पुलिस ने
छीन लिए और उसे हवालात में बंद कर दिया। इससे तंग आकर उसने जहर निगल लिया। पीड़ित बलदेव सिंह के सगे भाई लाभ सिंह ने बलदेव सिंह के शरीर पर पुलिस की मारपीट के निशान भी
दिखाए। इतने में बलदेव सिंह की हालत बिगड़ गई और मौके पर मौजूद डाक्टर मनप्रीत सिद्धू ने उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया।
रास्ते में बलदेव की मौत हो गई। सूचना मिलने पर डीएसपी गुरविंदर सिंह संघा मौके पर सिविल अस्पताल पहुंच गए, वहां मौजूद गुस्साएं लोगों ने डीएसपी पर पथराव कर दिया जिनको मामूली चोट लगी। खबर लिखे जाने तक अस्पताल में स्थिति तनावपूर्वक बनी हुई थी।
वहीं चौकी हंडियाया के प्रभारी चरनजीत सिंह ने बताया कि बलदेव को नाके पर बाइक के कागज दिखाने को कहा था। इस वजह से वह वहां पुलिस से झगड़ पड़ा।