चंडीगढ़। जिला अदालत बार एसोसिएशन के 11 सितंबर को होने वाले चुनाव को लेकर अदालत परिसर में सियासी माहौल गरमा गया है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशियों ने चैंबर टू चैंबर प्रचार तेज कर दिया है। 2252 मतदाता विभिन्न पदों पर मैदान में उतरे 36 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। ऐसे में प्रत्येक वोटर तक पहुंचना प्रत्याशियों की प्राथमिकता बन गया है। व्यक्तिगत मुलाकातों के साथ फोन और संदेशों के जरिये भी संपर्क साधा जा रहा है।
पुराने वादे और नई उम्मीदें बने मुद्दे
प्रचार में बार की पुरानी समस्याएं प्रमुख मुद्दा बनी हुई हैं। नए वकीलों के बैठने की व्यवस्था, चैंबर सुविधाएं, लिफ्ट, पार्किंग, डिजिटल सेवाएं, वाई-फाई और सेल्फ हेल्प डेस्क जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही भी प्रत्याशियों के एजेंडे में है। कुछ प्रत्याशी पिछले चुनावों के अधूरे वादे याद दिला रहे हैं, जबकि मौजूदा पदाधिकारी अपने कार्यकाल के कामों को उपलब्धि के रूप में गिना रहे हैं।
युवा और वरिष्ठ वकीलों पर अलग नजर
युवा वकीलों के बीच रोजगार, बैठने की जगह और डिजिटल सुविधाएं प्रमुख मुद्दे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ताओं के बीच बार की प्रतिष्ठा, प्रशासनिक समन्वय और सुविधाओं में सुधार पर जोर है। प्रत्याशी दोनों वर्गों को साधने की कोशिश में जुटे हैं।
अध्यक्ष पद पर चार प्रत्याशी हैं। उपाध्यक्ष जनरल, महिला आरक्षित उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष और महिला आरक्षित लाइब्रेरी सचिव पद पर दो-दो उम्मीदवार हैं। संयुक्त सचिव पद पर तीन प्रत्याशी हैं। सीनियर और जूनियर एग्जीक्यूटिव मेंबर के पांच-पांच पदों के लिए भी मुकाबला है। 11 सितंबर को मतदान के बाद मतदाताओं का फैसला सामने आएगा।