पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के चुनाव के मसले पर बार काउंसिल और बार एसोसिएशन आमने सामने हैं। 30 सितंबर को ऑनलाइन चुनाव करवाने के बार काउंसिल के निर्णय के खिलाफ अब बार एसोसिएशन ने आम बैठक बुलाकर चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया है। साथ ही यह प्रस्ताव भी पारित कर दिया है कि इस साल एसोसिएशन के चुनाव नहीं होंगे और वर्तमान पदाधिकारी बने रहेंगे।
बैठक में उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया कि कि उच्च न्यायालय के जो वकील बार काउंसिल द्वारा गठित चुनाव कमेटी में शामिल हैं, वे इस कमेटी से अपना नाम वापस ले लें। जो नाम वापस नहीं लेगा उसके खिलाफ बार एसोसिएशन कार्रवाई कर सकती है क्योंकि बार काउंसिल द्वारा गठित चुनाव कमेटी अवैध है।
ऑनलाइन चुनाव की घोषणा के बाद से ही विरोध
गौरतलब है कि जब से इन चुनावों की घोषणा हुई है तब से कई स्तर पर इन ऑनलाइन चुनावों का विरोध हो रहा है। बार काउंसिल द्वारा जिस दिन इन चुनावों की घोषणा की गई थी उसके अगले ही दिन बार एसोसिएशन ने अपनी आपत्ति दर्ज करवा दी थी। बार एसोसिएशन ने कहा था कि चुनावों में पारदर्शिता और गुप्त मतदान सबसे महत्वपूर्ण होता है और ऑनलाइन चुनावों में इस पर कैसे ध्यान रखा जाएगा यह तय ही नहीं किया गया है।
ऐसे में फ़िलहाल चुनाव की कोई जरूरत नहीं है। इसके बाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की आम बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को बार एसोसिएशन की आमसभा की बैठक में बड़ी संख्या में वकील शामिल हुए और चनाव के खिलाफ खुल कर विरोध दर्ज करवाया।