सीजेएम ने ड्रग्स कंट्रोलर को दिए जांच के आदेश
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पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र का सीजेएम निधि बंसल ने बुधवार को निरीक्षण किया। जब वह उपचाराधीन मरीजों के स्वास्थ्य और परिवार के बारे में जानकारी ले रहीं थीं, तभी एक मरीज ने सीजेएम के सामने ट्राइसिटी में फैले ड्रग्स कारोबार का काला चिट्ठा खोलकर रख दिया। मरीजों के इस खुलासे से सीजेएम निधि बंसल ने ड्रग्स कंट्रोलर डॉ. राजीव त्रेहन को तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए।
दरअसल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला की सचिव निधि बंसल बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचीं थीं। केंद्र के एक वार्ड में 20 से 46 वर्ष तक की 4 महिलाओं सहित 11 मरीज उपचाराधीन हैं।
इस दौरान एक रोगी ने खुलासा किया कि वह पिछले 2 साल से हेरोइन का आदी है। वह चंडीगढ़ के क्लब महाप्रबंधक के रूप में काम कर रहा था। उसकी मासिक आय करीब एक लाख रुपये थी। वह अपनी आय का बड़ा हिस्सा नशीली दवाओं और हेरोइन पर खर्च करने लगा था। वह द्वारका, जनकपुरी और नई दिल्ली में नाइजीरियन से हेरोइन खरीदता था। जिसका रेट 2500 प्रति ग्राम था और वह चंडीगढ़ में 6000 रुपये प्रति ग्राम मिलती थी। वह नशीली दवाओं की खरीद के लिए मेट्रो पिलर पर उन्हें फोन करते थे और वहीं संपर्क होता था। वह बॉडी बिल्डर था और जिम करता था। उसने सहनशक्ति बढ़ाने के लिए हेरोइन लेनी शुरू की, लेकिन बाद में वह इसका आदी हो गया।