पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल के रिश्तेदारों को राहत मिल गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जीरकपुर में जेटीएल एजूकेशनल ट्रस्ट को जमीन लीज में देने के खिलाफ दाखिल याचिका रद कर दी है।
मोहाली के हरशिंदर सिंह ने इस मामले में याचिका दाखिल की थी। याचिका में ग्राम पंचायत के 6 जुलाई 2010 के प्रस्ताव और 3 दिसंबर 2010 की लीज डीड को रद करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया था।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए यह डीड की गई। वीरवार को मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजय किशन कौल पर आधारित डबल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
याचिका में कहा गया जीरकपुर में जेटीएल एजूकेशन फाउंडेशन ट्रस्ट को 99 साल के लिए 21.26 एकड़ जमीन लीज पर देना गैरकानूनी है।
हाईकोर्ट ने इस मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए थे।
विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों और फाउंडेशन के ट्रस्टी मिथन लाल, संदीप गुप्ता और चेतन सिंगला को क्लीन चिट दी है।
रिपोर्ट में कहा गया कि लीज डीड के दस्तावेजों में गलती से 33 की जगह 99 लिख दिया गया। रिपोर्ट में ऐसा करने वाले राजस्व रिश्तेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई।
मामले पर हाईकोर्ट ने एसडीएम को निर्देश जारी किए थे कि इस मामले पर कोई फैसला आ जाने तक सनोली गांव(जीरकपुर) में ट्रस्ट के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी जाए।
हाईकोर्ट ने वीरवार को फैसला सुनाते हुए निर्माण कार्यों पर लगाई गई रोक हटा दी है। उधर, पंजाब सरकार की तरफ से हाईकोर्ट को बताया गया कि गलती करने वाले राजस्व अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।