चंडीगढ़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से चंडीगढ़ में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट, ड्राफ्ट और लोन पासिंग जैसे जरूरी काम नहीं हो सके। कई शाखाओं में कर्मचारियों की सीटें खाली रहीं, जबकि कुछ बैंकों ने प्रवेश द्वार पर ग्राहकों से असुविधा के लिए माफी मांगते हुए सूचना लगाई थी।
हड़ताल के कारण जरूरी वित्तीय काम से बैंक पहुंचे ग्राहकों को निराश लौटना पड़ा। व्यापारियों और कॉरपोरेट क्षेत्र के करोड़ों रुपये के लेन-देन भी अटक गए। सेक्टर-17 स्थित बैंक स्क्वायर में सैकड़ों बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
यूनियन नेताओं ने बताया कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने का लिखित समझौता हुआ था। कर्मचारी रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार थे, लेकिन ढाई साल बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने परफारमेंस लिंक्ड इंसेंटिव व्यवस्था का भी विरोध किया।
धरने में प्रियव्रत, इकबाल सिंह माल्ही, जगदीश राय, पंकज शर्मा, क्रांति राय, संतोष सिन्हा, गुरबक्स सिंह और बीएस गिल समेत कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल होगी। इसके बाद 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।