चंडीगढ़ में अब बैंक और एटीएम सुरक्षित रहेंगे। चोरी न हो, इसके लिए यूटी प्रशासन एक विशेष एक्ट लागू करने जा रहा है। प्रशासन ने प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसिज रेग्युलेशन एक्ट (पसारा) को यहां लागू करने की तैयारी प्रशासन ने कर ली है। जुलाई के अंत तक इसे लागू करने पर काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए डीसी अजीत बालाजी जोशी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के संचालकों से मीटिंग करेंगे।
बैंकों के अधिकारियों से भी मीटिंग होगी। इस एक्ट को पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूरे देश में सबसे पहले चंडीगढ़ में लागू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चुना गया है। जिसमें सिक्योरिटी एजेंसी, गार्ड्स और बैंक सिक्योरिटी वैन के लिए नियम बनाए जाएंगे। चंडीगढ़ में 103 प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां पंजीकृत हैं। जबकि 23 के करीब ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया हुआ है।
इसके अलावा भी बहुत सी एजेंसियां बिना पंजीकरण के ही चल रही हैं। प्रशासन के पास केवल इनकी संख्या का रिकॉर्ड है। एजेंसी के ऑफिस और कर्मचारियों की संख्या जैसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। जिस कारण कई बार शिकायतें सामने आती रहती हैं। पायलट प्रोजेक्ट में ही ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। पंजीकरण के लिए बाबुओं के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
डाटाबेस होगा तैयार, गार्ड्स को मिलेंगे सर्टिफिकेट
पहली बार प्रशासन प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों और सिक्योरिटी गार्ड्स का डाटाबेस तैयार करेगा। डाटाबेस तैयार होने के बाद अपने स्तर पर वैरीफिकेशन भी कराएगा। इतना ही नहीं सिक्योरिटी गार्ड्स को अब प्रशासन ही ट्रेनिंग देगा। ट्रेनिंग सर्टिफिकेट मिलने केबाद ही किसी व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड लगाया जा सकेगा।
कैश कैरिंग वैन सेफ मॉड्यूल पर होगा काम
कैश कैरिंग वैन सेफ मॉड्यूल पर भी चंडीगढ़ में काम होगा। इसके तहत बैंक की नकद राशि ले जाने वाली वैन के लिए नियम कायदे बनाए जाएंगे। यह वैन कैसी हो इसके लिए गाइडलाइंस तैयार होगी। यह वैन बैंक से बैंक और बैंक से एटीएम तक नकद रकम पहुंचाती है। वैन में तैनात सुरक्षा कर्मियों के लिए योग्यता भी तय होगी। इसको लेकर प्रशासन बैंकों के साथ एक मीटिंग भी कर चुका है।
एक महीने के अंदर मॉड्यूल का अधिकतर काम पूरा कर लिया जाएगा। बैंक संबंधी बहुत सी लूट और अन्य वारदातों में वहीं के सिक्योरिटी गार्ड की ही मिलीभगत सामने आती है। अब सिक्योरिटी गार्ड का पूरा रिकॉर्ड प्रशासन के पास होगा। गार्ड को ट्रेनिंग भी प्रशासन ही देगा। ऐसे में जवाबदेही बढ़ेगी और ऐसी वारदातें रुकेंगी।
सेलरी संबंधी दिक्कतें होंगी दूर
सिक्योरिटी एजेंसियों पर डीसी रेट के तहत सेलरी नहीं देने और पीएफ नहीं काटने जैसे आरोप लगते रहे हैं। बहुत सी एजेंसियां सुरक्षा कर्मियों से 12-12 घंटे ड्यूटी करवाती हैं। नया एक्ट लागू होने से कर्मचारियों का शोषण रुकेगा और उन्हें पूरा पैसा मिलेगा।
पसारा एक्ट को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। अब जल्द ही इसके लिए मीटिंग करेंगे। प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स को प्रशासन अपने स्तर पर ट्रेनिंग देगा।
- अजीत बालाजी जोशी, डीसी, चंडीगढ़