बैंक ऑफ बड़ौदा में सुरंग खोदने वालों को ढूंढने के लिए पिछले चार दिन से पसीना बहा रही पुलिस के होश शुक्रवार सुबह फाख्ता हो गए। बैंक के बाहर लगे जेनरेटर पर पोस्टर चस्पा कर खुद को सुरंग खोदने का मास्टर माइंड बताने वाले ने पुलिस को खुली चुनौती दी है कि दम है तो दो दिन के भीतर मुझे गिरफ्तार करके दिखाओ।
उसने पोस्टर में अभ्ाद्र शब्दों का भी इस्तेमाल किया है। अब पुलिस को यह बात समझ में नहीं आ रही है कि वाकई यह चैलेंज लुटेरे द्वारा दिया गया है या किसी सिरफिरे का मजाक है। पुलिस ने बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो उसमें मुंह ढांपे एक संदिग्ध युवक नजर आया। पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
शुक्रवार सुबह बैंक के बाहर पीले पेपर पर लुटेरे का संदेश चस्पा मिला। पोस्टर पर लुटेरे ने खुद को पकड़ने के लिए पुलिस को खुला चैलेंज किया है। पोस्टर को देखने सुबह भीड़ लग गई। साढे़ सात बजे बैंक सुरक्षा कर्मी पहुंचे तो बैंक मैनेजर को सूचित किया और पुलिस को बताया। मौके पर पहुंची सिविल लाइन थाना पुलिस पोस्टर कब्जे में लिया।
पोस्टर में लिखा है कि जब डीएसपी मौजीराम मौजूद थे तो वह भी वहीं था। उसने अकेले ही सुरंग खोदी। उसने लिखा है कि उसे माफी दी जाए तो वह 18 अप्रैल की दोपहर 12 बजे बैंक के बाहर आने के लिए तैयार है। शर्त मंजूर है तो पेपर में छपवाओ वरना मुझे ढूंढते रहो...।
फिंगर प्रिंट भी दिए
लुटेरे ने पोस्टर के ऊपरी हिस्से पर अपने दोनों अंगूठों के निशान भी दिए हैं। बाकायदा लेफ्ट-राइट फिंगर प्रिंट लिखा है।
करीब छह फीट का है लुटेरा
रविवार को सुरंग से स्ट्रांग रूम में प्रवेश के बाद कुर्सी पर चढ़कर बिजली की तार काटी गई। कुर्सी पर छपे जूते के निशान से लग रहा है कि लुटेरा करीब छह फीट का है। पोस्टर चस्पा करने वाले युवक की लंबाई भी इतनी ही लग रही है।
इन सवालों पर मगजमारी कर रही है पुलिस
लुटेरे ने बैंक के बाहर पोस्टर चस्पा करने का रिस्क क्यों लिया। पुलिस का जांच से ध्यान भटकाना मकसद है या फिल्मी अंदाज में पुलिस को बेवकूफ बनानापोस्टर में बताया है कि वह डीएसपी मौजीराम के साथ खड़ा था। लुटेरा अपने बारे में इतनी जानकारी क्यों दे रहा है।पोस्टर लिखने वाले ने बताया है कि वह अकेला ही था। अगर अकेला था तो छह फुट गहरा गढ्डा खोद बाल्टी से मिट्टी कैसे बाहर निकालीपोस्टर में लिखा है कि स्ट्रांगरूम में लाखों रुपये थे और उसने कसम खाई थी कि एक करोड़ से कम नहीं ले जाऊंगा। लुटेरों ने अलमारी नहीं खोली तो उसे कैसे पता कि लाखों है या करोड़ों हैं।