हरियाणा से एक फर्जी फर्म के जरिए भारी मात्रा में मादक द्रव बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अंबाला और हिसार में छापेमारी कर मादक द्रव की करीब साढ़े तीन लाख बोतलें बरामद की हैं।
भिवानी की एक फर्जी फर्म के नाम पर यह बिल काटे जा रहे थे। हरियाणा हिसार में भंडारण का काम होता था। हिसार से एक डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू कोलकाता का एक पत्र भी बरामद हुआ है।
जिसमें लिखे बैच नंबर के साथ यह जानकारी मांगी गई थी कि इस बैच की दवाएं बांग्लादेश जा रही हैं। इसकी जानकारी दी जाए। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उक्त बैच नंबर की दवाएं बरामद कर ली हैं।
हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने चिकित्सा के रूप में प्रयोग होने वाले मादक द्रवों के दुरुपयोग पर कार्रवाई करते हुए 40 किलो कोडीन बरामद की है।
यह कोडीन एक बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनी एबॉट लैबोरेटरीज द्वारा बनाई तथा बेची जाती है, की अवैध तस्करी का पता लगा है।
विभाग ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की कफ सीरप फेनसेडिल कफ लिकट्स की दो लाख बोतलें पकड़ी हैं। जिसकी आपूर्ति इसकी विनिर्माता कंपनी ने हिसार के थोक विक्रेता हिसार की फर्म मैसर्ज जेपी मेडिकोज को की थी।
यहां से दवाई को अवैध रूप से बांग्लादेश भेजा जा रहा था और इसमें भिवानी के थोक विक्रेताओं की मिलीभगत भी पाई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में कफ सीरप की आपूर्ति कंपनी ने सीधे तौर पर हिसार के थोक विक्रेता को की थी।
इसके बाद पूरे स्टॉक को आगे भिवानी के गैर-लाइसेंसशुदा थोक विक्रेता को भेजना था। भिवानी के इस थोक विक्रेता के लाइसेंस की अवधि 2008 में ही खत्म हो चुकी है।
इस प्रकार पूरी बिक्री भिवानी के थोक विक्रेता फर्म को बिना किसी सप्लाई ऑर्डर के की थी व पूरा भुगतान भी नकद में पाया गया है।