पान, तंबाकू के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। अब गुटखा, पान और तंबाकू न तो बेचा जाएगा और न ही खरीदा जाएगा। ये ऐलान हरियाणा की प्रदेश सरकार ने किया है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में गुटका, पान मसाला, सुगंधित व स्वादिष्ट तंबाकू, खारा व अन्य तंबाकूयुक्त पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और क्रय-विक्रय पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाजार में दूसरे नामों से बिकने वाले तंबाकू युक्त अन्य पदार्थों को भी इनमें शामिल किया गया है। इसके लिए खाद्य एवं औषध प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। तंबाकू युक्त पदार्थों को बेचने व खरीदने के लिए 3 सितंबर से एक वर्ष तक पाबंदी रहेगी।
उन्होंने बताया कि इनमें हैवी मैटल, अनुमति प्राप्त विशेष घटकों से रहित एंटी केकिंग एजेंट्स, सिल्वर लीफ, बाइंडर्स, प्रतिबंधित रसायन और अन्य पदार्थों को भी शामिल किया गया है। बीते कुछ वर्षों से इस अधिनियम की कमियों का लाभ उठाते हुए लोग अलग से पैकेट में तंबाकू खरीद व बेच लेते थे, लेकिन सरकार की ओर से उठाए गए सख्त कदमों के बाद अब कोई भी व्यक्ति तंबाकू को अलग से पैकेट में भी नही बेच या खरीद सकेगा।
विज ने बताया कि तंबाकू आदि पदार्थों में निकोटिन पाया जाता है। हरियाणा विष स्वामित्व एवं विक्रय नियम 1966 के तहत सरकार ने गत दिनों घोषित 19 प्रकार के विष की अनुसूची में ‘निकोटिन’ विष को भी शामिल किया गया है, जिसके बाद अब इनकी संख्या 20 हो गई है।
अब निकोटिन या निकोटिन युक्त पदार्थ बेचने वालों को भी उन्हीं नियमों का पालन करना पड़ेगा, जोकि पहले से अधिसूचित विषों के स्वामित्व एवं विक्रय करने वालों पर लागू होते हैं। निकोटिन को किसी भी वस्तु से निकालने या संयोग करके किसी भी रूप में प्राप्त किया जा सकता है।