रंधावा ने बताया कि कैदियों की संख्या घटाने के लिए उन्हें पैरोल पर भेजने की कोशिशें की जा रही हैं। पैरोल के पेंडिंग केस जल्द निपटाने के लिए डिप्टी कमीश्नरों से अपील की जा रही है। हवालाती कैदियों को जमानत पर छोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों के पास मामला उठाया जा रहा है। कैदियों को पैरोल देने के अलावा कैदियों को एक या दो महीनों की अंतरिम जमानत देने के लिए हाईकोर्ट के पास मामला उठाया जायेगा।
कम भीड़ वाली जेलों में शिफ्ट किए जाएंगे कैदी
जेल मंत्री ने कहा कि पंजाब में जेलों में अधिक भीड़ नहीं है, लेकिन अमृतसर, फिरोजपुर, संगरूर, पटियाला, होशियारपुर और मानसा की कुछ जेलों में थोड़ी भीड़ है। बाकी जेलों में और कैदी रखने की क्षमता है, इसीलिए भीड़ वाली जेलों में से दूसरी जेलों में कैदी भेजने की योजना बनाई है।
बाहर से लौट रहे कैदियों की हो रही स्क्रीनिंग
सभी जेलों की तरफ से अपने तौर पर कैदियों और स्टाफ के लिए मास्क बनाए जा रहे हैं। जेलों में सैनिटाइजर का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा जेलों में आने वाले नये कैदियों, अदालतों में सुनवाई से लौटे कैदियों और पैरोल से लौटे कैदियों के मुख्य गेट पर स्क्रीनिंग की जा रही है और उनको तीन से सात दिन के लिए अकेला रखा जा रहा है।