सरकार ने इन भर्तियों के खिलाफ सख्त रुख इसलिए अपनाया है, चूंकि विभागों, बोर्ड-निगमों और सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों में उच्च अधिकारी अपने स्तर पर ही भर्ती कर लेते हैं। कर्मचारियों की ज्वाइनिंग के बाद ही मुख्य सचिव और वित्त विभाग को बताया जाता है।
अब ऐसा नहीं होगा। पहले मंजूरी होगी, उसके बाद ही भर्ती की जा सकेगी। मुख्य सचिव की ओर से इस संबंध में सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसडीएम, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एक वर्ष से अधिक का सेवा विस्तार भी सरकार करेगी तय
ग्रुप सी और डी में अब अनुबंध कर्मियों को एक वर्ष से अधिक का सेवा विस्तार भी विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर नहीं दे पाएंगे। आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के तहत नियुक्त कर्मियों को सेवा विस्तार देने के लिए मुख्य सचिव और वित्त विभाग से मंजूरी लेना जरूरी होगा। इन निर्देशों पर अमल न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।