अगर आप गंजेपन से परेशान हैं तो हेयर ट्रांसप्लांट अच्छा विकल्प है, वो भी कम खर्च में। इसके लिए कुछ नियमों और टिप्स के बारे में जानना जरूरी है। क्या आप जानते हैं कि चेन्नई में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद एक युवक की जान चली गई है। 22 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट ने एक हेयर सैलून में ट्रांसप्लांट कराया था। इस हादसे के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट के क्या नियम-कानून है।
चंडीगढ़ सहित देश के हर शहर में हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर हैं। किसी ने हेयर सैलून में खोल रखा है तो किसी ने दो कमरों को फाइव स्टार लुक देकर सेंटर बना दिया। इस फील्ड के विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसप्लांट से पहले डाक्टर की क्वालिफिकेशन और उसका अनुभव देखना जरूरी है।
क्या है हेयर ट्रांसप्लांट
हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है। इसमें सिर के पीछे और साइड से बाल लेकर गंजे वाले एरिया में लगाए जाते हैं। इन बालों को आने में तीन से चार महीने का समय लगता है। उसके बाद नेचुरल बाल आते हैं। ट्रांसप्लांट के दौरान दाढ़ी व छाती के भी बाल लगाए जा सकते हैं, लेकिन जिस बाल का जैसा नेचर होगा, सिर में उसी प्रकार से आएंगे। चाहे व्यक्ति जितना बूढ़ा हो या गंजा, उसके सिर के पीछे और साइड में बाल जरूर होते हैं। इसे परमानेंट हेयर जोन कहते हैं। आमतौर पर यहीं से बाल निकालकर लगाए जाते हैं।
कौन कर सकता है हेयर ट्रांसप्लांट
हेयर ट्रांसप्लांट
- फोटो : अमर उजाला
विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डाक्टर सिर्फ प्लास्टिक सर्जन हैं। प्लास्टिक सर्जन के पास पहले तीन साल सर्जरी और फिर तीन साल प्लास्टिक सर्जरी का अनुभव होता है। एमसीआई से मांगी गई एक सूचना पर जवाब दिया गया है कि प्लास्टिक सर्जन ही हेयर ट्रांसप्लांट कर सकते हैं। ट्रांसप्लांट के दौरान व्यक्ति को बेहोश करना होता है। कई बार अन्य दिक्कते आ सकती है तो सेंटर में आपरेशन थियेटर (ओटी) का सेटअप होना चाहिए। टेक्नीशियन व ओटी में प्रयोग आने वाले सभी सामान होने चाहिए।
कितना आता है खर्च
हेयर ट्रांसप्लांट का खरचा बालों की ग्राफ्टिंग पर निर्भर करता है। यानि कि सिर पर कितने बाल लगाए जाने हैं। चंडीगढ़ सेक्टर 40 डी में कास्मेटिक सर्जरी क्लीनिक चलाने वाले डा. दीपक कालिया बताते हैं कि प्राइवेट क्लीनिक में 25 हजार से लेकर सवा लाख रुपये का खर्च आता है, जबकि सरकारी डाक्टरों के मुताबिक पीजीआई या जीएमएसएच 16 में 8 से 20 हजार रुपये का खर्च आता है।
सरकारी अस्पतालों में डेढ़ साल तक वेटिंग
पीजीआई और जीएमएसएच 16 में हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा है, लेकिन यहां पर वेटिंग काफी लंबी है। पीजीआई में कम से कम छह महीने और जीएमएसएच 16 में डेढ़ साल की वेटिंग है। पीजीआई में यह प्रक्रिया हफ्ते में एक बार की जाती है। एक ट्रांसप्लांट में कम से कम आठ से दस घंटे का समय लगता है।
महिलाएं भी करवा रही हैं हेयर ट्रांसप्लांट
हेयर ट्रांसप्लांट
- फोटो : डेमो फोटो
हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ पुरुष ही नहीं करवाते, बल्कि महिलाएं भी इसका भरपूर फायदा उठा रही हैं। महिलाओं के आगे के बाल झड़ जाते हैं। पहले उन्हें मेडिसिन के जरिए ठीक करने की कोशिश की जाती है। कुछ विटामिन्स की कमी के कारण बाल झडऩे लगते हैं। कुछ मेडिसिन देने के बाद उनमें फायदा दिखने लगता है। यदि दवाएं कारगर साबित नहीं होती तो फिर ट्रांसप्लांट किया जाता है।
क्या-क्या होता है ट्रांसप्लांट
प्लास्टिक सर्जनों के मुताबिक हेयर ट्रांसप्लांट के अलावा आईब्रो, दाढ़ी और मूंछे भी ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। ये सभी सक्सेसफुल हो रहे हैं। आजकल युवाओं में दाढ़ी और मूंछे रखने का काफी क्रेज है, इसलिए दाढ़ी और मूंछे ट्रांसप्लांट कराने में सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की है। आइब्रो बहुत ही सस्ते रेट में ट्रांसप्लांट हो जाती है।
मेडिकल टूरिज्म बढ़ा रहा है हेयर ट्रांसप्लांट
चंडीगढ़ में हेयर ट्रांसप्लांट मेडिकल टूरिज्म बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो रहा है। डा. दीपक कालिया बताते हैं कि उनके पास यूरोप, यूएसए, न्यूजीलैंड, कनाडा और अफ्रीकी देश से काफी पेशेंट आते हैं। विदेशों में ट्रांसप्लांट का खरचा लाखों रुपये में है, जबकि यहां पर कुछ भी नहीं है।
हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान ध्यान रखने वाली बातें
हेयर ट्रांसप्लांट
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हेयर ट्रांसप्लांट के लिए प्लास्टिक सर्जन को चुने
डाक्टर की क्वालिफिकेशन और उसके अनुभव को जानें
क्लीनिक के सेटअप को भी जाने, इमरजेंसी सेवाएं है या नहीं
डाक्टर खुद ट्रांसप्लांट करता है या फिर अपने स्टाफ से करवाता है
रिजल्ट के लिए कम से कम चार महीने तक इंतजार करें
एक हेयर ट्रांसप्लांट में कम से कम छह से आठ घंटे का वक्त लगता है
एक दिन में एक ही हेयर ट्रांसप्लांट संभव है
20 से 70 साल की उम्र तक व्यक्ति के हेयर ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं
हेयर ट्रांसप्लांट के बाद कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है
45 से 50 साल के ऊपर के पेशेंट के कुछ अलग से टेस्ट करवाए जाते हैं
अनुभवहीन ट्रांसप्लांट करवाने से क्या नुकसान
हेयर ट्रांसप्लांट
- फोटो : डेमो फोटो
पहला केस : दिल्ली के एक व्यक्ति ने अनुभवहीन डाक्टर से हेयर ट्रांसप्लांट कराएं। डाक्टर ने एक-एक बाल लगाने के बजाए बालों के गुच्छे सहित लगा दिए। इससे बाल अननेचुरल लगने लगे और व्यक्ति की पर्सनेलिटी भी बदल गई। बाद में अनुभवी डाक्टर ने उसे ठीक किए।
दूसरा केस : एक व्यक्ति ने भी किसी सैलून से हेयर ट्रांसप्लांट करवाएं। लेकिन बाल नेचुरल आने के बजाए टेढ़े-मेढ़े आने लगे। जो बाल ट्रांसप्लांट किए गए, वे देखने में काफी अजीब दिखने लगे। बाद में उसके बाल चंडीगढ़ के एक क्लीनिक में ठीक किए गए।
हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल मेथड है। भारत में हेयर ट्रांसप्लांट के लिए कोई नाम्र्स नहीं है, इसलिए टेक्नीशियन भी हेयर ट्रांसप्लांट कर रहा है। मेरा मानना है कि पेशेंट को हेयर ट्रांसप्लांट के लिए प्लास्टिक सर्जन के पास जाना चाहिए। यदि उपयुक्त डाक्टर से ट्रांसप्लांट कराते हैं तो बाल भी नेचुरल आते हैं।
- डा. दीपक कालिया, डा. कालिया कास्मेटिक सर्जरी क्लीनिक सेक्टर 40 डी
चेन्नई में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद युवक की मौत के क्या कारण थे, उसके बारे में बता पाना मुश्किल है, लेकिन हेयर ट्रांसप्लांट एक सक्सेसफुल प्रक्रिया है। इसमें बाल पूरी तरह से नेचुरल आते हैं। इसके कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होते।
- डा. सुनील गाबा, एडिशनल प्रोफेसर, प्लास्टिक सर्जन पीजीआई
हेयर ट्रांसप्लांट का कोई भी खतरा नहीं है। जीएमएसएच १६ में करीब डेढ़ साल की वेटिंग है।
- डा. चंदे्रश महेंद्रू, हेड हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक, जीएमएसएच 16 चंडीगढ़