हॉकी के महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर अपनी अकादमी खोलने जा रहे हैं। अगर आप दाखिला लेना चाहते हैं तो ये तरीका होगा। बलबीर सिंह सीनियर खेल की दुनिया के ऐसे महान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने मैदान में हार को कभी स्वीकार नहीं किया। उनकी हाकी की स्टिक से ऐसे गोल हुए, जिनका रिकार्ड आज तक कोई खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया है। पंजाब के इस शेर खिलाड़ी पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर जैसे अब ओर खिलाड़ी भी होंगे, जिनको कोई और नहीं बल्कि खुद बलबीर सिंह सीनियर तैयार करेंगे।
सिटी ब्यूटीफुल से लेकर पंजाब एवं अन्य राज्यों के युवा खिलाड़ियों को जल्द उनकी तरह हाकी सीखने का मौका मिलेगा, क्योंकि इस साल महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर की जल्द अकादमी होगी। इस अकादमी को बनाने से लेकर युवा खिलाड़ियों के चयन पर योजनाएं बनाई जा रही है। गौरतलब है कि बलबीर सिंह भारत की उस हाकी टीम के सदस्य थे, जिसने तीन ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीते। लंदन (1948), हेल्सिंकी (1952) और मेलबोर्न (1956) में खेली इस टीम में उन्होंने सबसे अधिक गोल दागे हैं।
सिंह ने सेंटर फॉर्वड पोजिशन पर खेलते हुए सबसे अधिक हाकी गोल का रिकार्ड अपने नाम किया है। 1952 के ओलंपिक के दौरान फाइनल में नीदरलैंड के खिलाफ खेलते हुए बलबीर सिंह ने पांच गोल कर रिकॉर्ड बनाया था। वे भारतीय हाकी टीम के मैनेजर और चीफ कोच 1975 में थे। उनके कोच रहते भारतीय टीम भारत ने पुरुषों का हाकी वर्ल्ड कप जीता था। 1971 में भारत ने पुरुषों के हाकी वर्ल्ड कप में कांस्य पदक जीता।
इसके अलावा 2012 के लंदन ओलंपिक के दौरान, रॉयल ओपेरा हाउस के द्वारा उनको बेहतरीन खेल के लिए सम्मानित किया गया है।
देना चाहते हैं पंजाब के खिलाड़ियों की प्रतिभा को मंच
सुशबीर कौर ने बताया कि उनके पिता की इच्छा है कि वे खिलाड़ियों को हाकी सीखाएं। इस अकादमी के निर्माण से लेकर खिलाड़ियों की सिलेक्शन की योजनाएं अभी बनाई जा रही है। इन अकादमी का मकसद सिर्फ उन खिलाड़ियों को मौका देना है, जिनकी प्रतिभा को मंच नहीं मिल पाता है।
क्विज टेस्ट के जरिए होगा खिलाड़ियों का चयन
उनकी बेटी ने बताया कि हाकी अकादमी में खिलाड़ियों की सिलेक्शन ट्रायल से नहीं, बल्कि क्विज टेस्ट से होगी। यह टेस्ट कंप्यूटर पर होगा, जिसमें हाकी के तमाम सवालों पर पूछे जाएगा। यह क्विज टेस्ट महान खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर की लिखीं किताब गोल्डन यार्डस्ट्रिक इन कवेस्ट पर आधारित होगा, जो किताब में दी हाकी की तमाम जानकारी पर आधारित होगा। इस किताब का विमोचन पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने दो जून 2017 में किया था।
महंगी फीस नहीं, इसमें सिर्फ मिलेगा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका
देश को ओलंपिक मेडल दिलाने वाले पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर की अकादमी में महंगी फीस नहीं होगी, बल्कि इसमें प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की एंट्री होगी। यहां किसी सिफारिश को तवज्जो नहीं दी जाएगी, बल्कि इसमें पंजाब के गांव एवं कस्बे के खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा।