चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने के साथ ही बच्चों को जागरूक करने और साफ सफाई रखने की शिक्षा देने के लिए कॉमिक कैरेक्टर का सहारा लेने का फैसला लिया है। यह जानकारी यूटी प्रशासन की ओर से डेंगू मामलों की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में दी गई। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान यूटी प्रशासन ने शहर में डेंगू का सेक्टर के अनुसार डाटा पेश किया।
इसके लिए एक मैप पर रंगों के माध्यम से सबसे सेफ और सबसे ज्यादा खतरनाक एरिया दिखाए गए। प्रशासन की ओर से बताया गया कॉलोनियों में डेंगू के मामले सबसे ज्यादा हैं और ऐसे में इस दिशा में काम करने की जरूरत है। प्रशासन द्वारा सौंपी गई जानकारी के अनुसार मनीमाजरा सहित सघन आबादी वाली कॉलोनियां और गांव डेंगू के निशाने पर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि उन्होंने लोगों को जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं और सबसे बड़ा फोकस बच्चों पर है। इसके लिए स्कूल स्तर पर काम आरंभ किया गया और वहां पर बुकलेट और पंफलेट बांट कर डेंगू सहित अन्य बीमारियों से बचाव, बीमारियों के लक्षण और प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इसके साथ ही बच्चों को यह चीजें रोचक तरीके से सिखाई जाएं इसके लिए कॉमिक्सबुक के माध्यम से इसके कैरेक्टर बच्चों को सीख देंगे। प्रशासन की ओर से बताया गया कि इसकेलिए पूरी तैयारी की जा चुकी है।
अगले सीजन के लिए एडवांस तैयारी
इसकेसाथ ही यह भी बताया गया कि प्रशासन ने इस बार एडवांस में कई तैयारियां आरंभ कर दी है जिससे अगले सीजन में डेंगू के प्रभाव को रोका जा सके। इसके लिए एक मास्टर प्लान बनाया जा रहा है जिसे फाईनल होने में कुछ समय लगेगा।
प्रशासन ने पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों का इस्तेमाल करते हुए अब कुछ इलाकों की पहचान की है और उनमें डेंगू का कहर क्यों है इसे जानने के प्रयास किए हैं। अब इसकी जड़ को पहचान कर सीजन से पहले, सीजन के दौरान और उसके बाद तीन चरणों में डेंगू से निपटा जाएगा। तीनों के लिए अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग व्यवस्था होगी और एक्शन टास्क फोर्स बनाई जाएगी।