चंडीगढ़। रेमडेसिविर दवा का अवैध तरीके से उत्पादन कर उसे बेचने के मामले में गिरफ्तार बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के निदेशक समेत पांचों आरोपियों को ऑपरेशन सेल ने वीरवार को जिला अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जेल भेजे गए आरोपी अभिषेक, केपी फ्रांसिस, सुशील कुमार, प्रभात त्यागी और फार्मा कंपनी के निदेशक गौरव चावला शामिल हैं, जबकि एक आरोपी फिलिप जैकब को कोरोना होने पर पुलिस ने उसे बुधवार को ही जेल भेज दिया था। सभी आरोपी चार दिन के रिमांड पर थे।
उधर, फार्मा कंपनी का मालिक परमजीत अरोड़ा समन भेजने के बावजूद अब तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ है। पिछले 5 दिनों से पुलिस परमजीत से पूछताछ करना चाह रही है। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में रेमडेसिविर के 3570 इंजेक्शन के अवैध उत्पादन का खुलासा हुआ था।
गौरतलब है कि बीते 17 अप्रैल को ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-17 के एक होटल से केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, साउथ दिल्ली के कालका निवासी सुशील कुमार, भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को अवैध तरीके से रेमडेसिविर को बेचने की डील करते पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के डायरेक्टर गौरव चावला को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 11 अप्रैल को भारत सरकार ने रेमडेसिविर दवा की सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बावजूद आरोपी बिना अनुमति के दवा का उत्पादन कर बेच रहे थे। इसकी कीमत 4700 रुपये रखी गई थी।