मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनावों में अपनी हार मान ली है, क्योंकि बीच लड़ाई में घोडे़ बदलने वाले जंग नहीं जीतते। श्री आनंदपुर साहिब और लुधियाना से उम्मीदवार बदलने व अमृतसर से कैप्टन अमरिंदर की मर्जी के बिना चुनाव मैदान में उतारना इसका सबूत है।
कई सीटों पर कांग्रेस को उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे। सीएम ने कहा कि 30 अप्रैल को तकड़ी का बटन दबाने पर चीं की आवाज होगी, तो कांग्रेस की चीखें निकलेंगी।
बादल रविवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़कलां में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद आयोजित राजनीतिक कान्फ्रेंस में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीच चुनाव में जिस तरह से अपने उम्मीदवार बदल रही है या उसके नेता चुनाव से पीछा छुड़ा रहे हैं, उससे साफ है कि कांग्रेस का कोई भी नेता लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहता।
सोनिया गांधी के बार बार कहे जाने पर अमृतसर से कैप्टन अमरिंदर सिंह लड़ने को राजी हुए हैं, जबकि लुधियाना के लिए मनीष तिवारी को अभी तक नहीं मनाया जा सका।
प्रताप सिंह बाजवा गुरदासपुर सीट छोड़ना चाहते हैं, तो आनंदपुर से अंबिका सोनी को उम्मीदवार भले ही बना दिया गया हो लेकिन वह भी अभी अपना मन नहीं बना पाईं हैं।
उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि अंबिका सोनी छोड़ भले ही राहुल गांधी और सोनिया गांधी पंजाब आ जाएं, लेकिन वह कांग्रेस की नैया को पार नहीं लगा पाएंगे।
इस दौरान उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब से उम्मीदवार प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा को वोट देने की अपील की। एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ अपने नजदीकी रिश्तों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि दिल्ली में एनडीए की सरकार बनने के बाद सबसे अधिक फायदा पंजाब को ही होगा।