प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने कहा है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल लोगों से कह रहे हैं कि प्रदर्शन के आधार पर सरकार को जांचा जाए, लेकिन उनका रिपोर्ट कार्ड निगेटिव है।
लोगों ने चुनाव में यही तरीका अपनाया और उनकी बहू हरसिमरत कौर की जीत का अंतर कुछ हजार पर सिमट गया। अब गठबंधन साझीदार भाजपा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल करने शुरू कर दिए हैं। बादल ने राज्य के सभी सरकारी संसाधन बठिंडा की तरफ मोड़ दिए।
इस हलके में लोगों को खुश करने के लिए सब कुछ किया, लेकिन अगर आम आदमी पार्टी न होती तो अकाली दल बठिंडा में भी हार जाता। बीते सालों के दौरान 18 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां बंद हो चुकी हैं। किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी हैं। अब बादल तलवंडी साबो में डेरा जमाए हुए हैं, जहां उपचुनाव होना है।