मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने समागम के दौरान कैंसर के खिलाफ जंग का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सोमवार सबसे ज्यादा जरूरत कैंसर ट्रीटमेंट की है। इलाज पर बहुत खर्च आता है, परिवार पर गहरा संकट आता है। इसीलिए राज्य सरकार कैंसर के खिलाफ जंग छेड़ने का प्रयास कर रही है। जिसके पहले चरण में तीन सौ करोड़ रुपयों से कैंसर रिलीफ फंड बनाया गया। जिससे हर मरीज को इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाती है। जनवरी से कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम भी शुरू की जा रही है। बठिंडा, संगरूर, फिरोजपुर में कैंसर के इलाज की सुविधा शुरू की जा रही है। बादल बोले, अब कैंसर पर काबू पाकर ही रहेंगे। कैंसर के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र पंजाब बनेगा। यहां पूरे देश के अलावा विदेशों से भी लोग इलाज कराने आएंगे। जिस तरह पंजाब दूसरी चीजों में आगे है, कैंसर के इलाज में भी आगे रहेगा। वह हंसते हुए बोले, पंजाबी कभी दूसरे नंबर पर नहीं रहते, आज सभी मिलखा सिंह बने हुए हैं।
बादल और बिट्टू ने भेंट कीं धार्मिक पेंटिंग
समागम के अंत में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को सम्मानित किया। बादल की तरफ से उन्हें एक पेंटिंग भेंट की गई, जिसमें दरबार साहिब का गोल्ड पेंटेड मॉडल था। लेने के बाद प्रधानमंत्री ने उसे उनकी तरफ करने को कहा। देखने के बाद उन्होंने हाथ जोड़े। उसके बाद सांसद रवनीत बिट्टू ने भी उन्हें तख्त श्री केसगढ़ साहिब की पेंटिंग भेंट की। हालांकि, पेंटिंग व सिरोपा लेने गए बिट्टू को डेढ़ मिनट लग गया।
पहले पीएमओ गए प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का चॉपर दोपहर 3.13 बजे समागम स्थल के पीछे करीब आठ सौ मीटर की दूर बनाए हैलीपैड पर लैंड हुआ। वहां से कारों का काफिला समागम स्थल तक पहुंचा। पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री समेत सभी मेहमान वहां बनाए गए पीएम ऑफिस के रिटायरिंग रूम में गए। वहां कुछ देर बैठने के बाद प्रधानमंत्री दोपहर 3.32 बजे मंच पर आए। करीब सवा चार बजे समागम खत्म हो गया।
पंजाबी रंग में रंगे प्रधानमंत्री
आमतौर पर प्रधानमंत्री चंडीगढ़ दौरों के दौरान अंग्रेजी में ही भाषण देते रहे हैं। पर सोमवार को समागम चंडीगढ़ नहीं, बल्कि पंजाब के न्यू चंडीगढ़ में था। तो प्रधानमंत्री भी पंजाबी रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने पंजाबी में पूरा भाषण दिया और आखिर में फतेह भी बुलाई। उन्होंने कहा कि यहां आकर खुशी हो रही है, लंबे अर्से तक पंजाब से जुड़ा रहा हूं। जब भी यहां आता हूं, यादें ताजा हो जाती हैं। भारत की प्रगति में पंजाब का हमेशा अहम योगदान है। पचास साल पहले यहां के किसानों ने खाद्यन्न में देश को आत्मनिर्भर बनाया। आज उद्यमी व व्यापारी नव-निर्माण में लगे हैं। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि प्रधानमंत्री पंजाब के हैं। कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों से ज्यादा पंजाब के लोग उन्हें प्यार करते हैं। बादल बोले, इतना बड़ा मौका था, बड़ा समागम करना चाहते थे, पर ऊपर से ऑर्डर आ गया तो छोटा समागम करना पड़ा।