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वादों से मुकरा पीयू...न बैकलॉक भरा न रोस्टर लागू किया और नए कर्मचारी किए जा रहे हैं भर्ती

Sat, 01 Feb 2020 11:09 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने न तो बैकलॉक भरा और न रोस्टर लागू किया। पुराने वादों को दरकिनार करते हुए पीयू नए कर्मचारियों की भर्ती करने जा रहा है। इससे एससी-एसटी और बीसी के सैकड़ों कर्मचारियों में आक्रोश पनप गया है। प्रमोशन में भी आरक्षण का लाभ न मिलने के कारण भी वह दुखी हैं। हैरानी की बात है कि पीयू प्रशासन लिखित रूप से आश्वासन देता रहा और अपना वायदा पूरा न कर कर्मचारियों के साथ धोखा करता रहा। अब यह कर्मचारी आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
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23 जून 2016 को वीसी की अध्यक्षता में रोस्टर को लेकर बैठक की गई। तय हुआ कि आगे से जो भी नियुक्तियां कर्मचारियों की होंगी, उसमें सबसे पहले एससी, एसटी और बीसी के पद भरे जाएंगे। साथ ही बैकलॉक भर्तियां होंगी। आवासों में भी आरक्षण देने का प्रस्ताव पास हुआ। उसके बाद 31 जुलाई 2016 में हुई सिंडिकेट की बैठक में एससी के नॉन टीचिंग कर्मचारियों को रोस्टर में 15 फीसदी आरक्षण देने का प्रस्ताव पास हुआ, लेकिन बाद में इसमें फिर रुकावट लगा दी गई।

न तो आवासों में आरक्षण मिला और न प्रमोशन में। रोस्टर भी लागू नहीं हो पाया जबकि यह तैयार हो गया था। हैरत इस बात की है कि पीयू ने साफ कर दिया था कि पहले बैकलॉक भर्तियां कर्मियों की होंगी ताकि उनके साथ न्याय हो सके लेकिन यह नहीं किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि अब नए सिरे से भर्तियां की जा रही हैं। रोस्टर भी लागू नहीं किया। जो वायदे उनके साथ किए गए थे वह लागू नहीं किए गए।
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डीयूआई ने 25 अप्रैल 2019 को भूख हड़ताल के दौरान पीयूएसबीए को लिखित रूप में दिया था कि अगली सिंडिकेट में रोस्टर की समस्या हल हो जाएगी। आज तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन इस पर काम नहीं किया गया। सैकड़ों कर्मचारी इससे प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि प्रस्ताव सिंडिकेट में गया। एक कमेटी फिर बना दी गई। महज एक बैठक की गई। कार्रवाई क्या हुई यह कर्मचारियों को आज तक पता नहीं चली।

रोस्टर तो तैयार पहल कौन करे
शिक्षकों की भर्तियों पर रोक लगाने के लिए रोस्टर का सहारा लिया गया जबकि पहले इसे पास नहीं होने दिया गया। अब रोस्टर पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसे लागू करवाने के लिए पहल कौन करे। चांसलर कार्यालय ने भी इसके लिए पीयू को लिखा था, लेकिन उसके बाद महज एक बैठक की गई और मामला ठंडे बस्ते में डाला गया। हालांकि पीयू प्रशासन का तर्क है कि वह इस पर तेजी से कार्य कर रहा है। जल्द रोस्टर लागू होगा।
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