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OMG! अजीबोगरीब पैदा हुआ बच्चा, देखकर चौंक गए डॉक्टर

Wed, 26 Aug 2015 01:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खरड़(मोहाली)
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महिला की डिलीवरी के दौरान ऐसा अजीबोगरीब बच्चा पैदा हुआ, जिसे देखकर डॉक्टर्स चौंक गए। बच्चे के पैर और एक हाथ नहीं था। उसे देखकर परिजनों के भी होश उड़ गए और उन्होंने अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर्स पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। बच्चे के परिजनों ने कहा कि उन्होंने सिविल अस्पताल में पूरा इलाज करवाया था। समय पर पूरे टेस्ट व अल्ट्रासाउंड करवाए थे। उस समय डॉक्टर्स ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने मामले में आरोपी डॉक्टर्स पर कार्रवाई की मांग की है।
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क्या कहते है एसएमओ
इस बारे में खरड़ सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि यह किसी के बस की बात नहीं है। इसमें डॉक्टरों का कोई कसूर नहीं है। सेकेंड लेवल अल्ट्रासांउड रिपोर्ट में भी बच्चे को नार्मल बताया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी, जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट को नार्मल क्यों बताया गया।

डॉ. सुरिंदर सिंह ने यह भी आशंका जताई कि हो सकता है कि मरीज ने खुद कोई दवा ले ली हो, जिसके इंफेक्शन से बच्चे का विकास रुक गया हो। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे, अगर कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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परिजनों का हंगामा, डॉक्टर्स पर आरोप

नवजात लड़के के पिता गांव पक्की रुड़की निवासी वरिंदर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी लखविंदर कौर के गर्भवती होने के बाद से लगातार उसका इलाज सिविल अस्पताल खरड़ में हुआ। बच्चे के जन्म से पहले अलग-अलग समय पर पत्नी के पांच बार अल्ट्रासाउंड करवाए गए। इनमें चार बार अल्ट्रासाउंड सिविल अस्पताल खरड़ में हुए। 

डॉक्टर हर बार बच्चे को स्वस्थ बताते रहे। किसी ने उन्हें नहीं बताया कि बच्चे के हाथ पैर विकसित नहीं हुए हैं। वरिंदर ने कहा कि अगर उन्हें समय रहते पता चल जाता कि बच्चे के अंग ठीक तरह से विकसित नहीं हुए हैं तो वो पत्नी का इलाज करवा सकते थे। जिससे उसके बच्चे के हाथ पैर ठीक तरह से विकसित हो जाते।

डाक्टरों के कहने पर वरिंदर ने पत्नी का एक प्राइवेट लैब से लेवल-2 अल्ट्रासाउंड भी करवाया था। इस टेस्ट की रिपोर्ट में भी बच्चा नार्मल बताया गया है। वरिंदर के अनुसार वह हर 15 दिन बाद पत्नी को अस्पताल में जांच के लिए लाता था। हर बार जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को स्वस्थ बताया था। एक बार डॉक्टरों ने पत्नी में खून की कमी बताई थी। इसके बाद उसने पत्नी को डॉक्टर के कहे अनुसार टीके लगवाए थे। बच्चे के परिजनों ने डॉक्टरों पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अल्ट्रा साउंड करने वाले की गलती
इस संबंध में जब संबंधित डॉक्टर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड में लखविंदर कौर की रिपोर्ट नार्मल आती रही। अगर रिपोर्ट में कोई कमी आती तो उन्हें पीजीआई या किसी अन्य अस्पताल में रेफर कर सकते थे। अल्ट्रासाउंड की आई रिपोर्ट में अल्ट्रासाउंड स्पेशलिस्ट ने बच्चे के पैर या हाथ ना होने का जिक्र नहीं किया।
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