इस सूचनाओं को अटैच करने के बाद ट्वीट में बबीता ने लिखा कि ‘बड़ी मुश्किल से सरकार ने हमारे गांव बलाली के लिए एक कुश्ती हाल की घोषणा की थी और आज दो साल बाद इस प्रोजेक्ट को कैंसिल कर दिया। मेरी सरकार से प्रार्थना है कि हमारे गांव बलाली में कुश्ती हाल बनाने के लिए जो घोषणा की थी उस पर अमल करे।’
उसके बाद फिर ट्वीट कर लिखा ‘यह सरकार की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। सरकार इस तरह से काम करके क्या दर्शाना चाहती है। सरकार को कम से कम खिलाड़ियों के साथ तो राजनीति नहीं करनी चाहिए। मैं कुश्ती हॉल रद्द करने के लिए सरकार का पुरजोर विरोध करती हूं। मैं चाहती हूं कि मुख्यमंत्री जी स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें’ इसके बाद बबीता के समर्थन में री-ट्वीट होने लगे।
खेल मंत्री ने बबीता के ट्वीट पर अफसोस जताते हुए री-ट्वीट किया कि गलत तरीके से गलत सूचनाओं को सार्वजनिक करने का काम किया गया है। यह बात पूरी तरह से गलत है कि फोगाट सिस्टर्स के गांव बलाली में स्टेडियम और कुश्ती हाल का काम लटक गया है। दरअसल, बबीता ने पिछले दिनों जींद उपचुनाव में जजपा के लिए प्रचार भी किया था।
शायद ये इसी का प्रभाव हो। हमारी सरकार इस तरह की राजनीति कभी नहीं करती। बलाली स्टेडियम और कुश्ती हाल के लिए 177.24 लाख रुपये के बजट को 21 दिसंबर 2017 को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। 20 मार्च 2017 को 30 लाख की किस्त पहले ही जिला खेल परिषद को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। इस प्रोजेक्ट पर काम पंचायती राज विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। शेष राशि 147.24 लाख रुपये भी स्वीकृत है और जारी की जा चुकी है।