कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ने नैतिकता और खराब स्वास्थ्य को बताया आधार, हाईकमान ने अभी नहीं किया मंजूर
भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उदयभान ने साधी चुप्पी, इनके खिलाफ विरोधी धड़ा हो रहा लामबंद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने हाईकमान को इस्तीफे की पेशकश की है। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बाबरिया ने कहा कि यह जिम्मेदारी किसी और को दी जाए। हालांकि, अभी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान हार के बाद से चुुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, विरोधी गुट इन दोनों को भी बदलने की मांग उठा रहा है।
दीपक बाबरिया ने पिछले सप्ताह हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद आलाकमान को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन इस मामले पर उन्हें कोई निर्णय नहीं बताया गया है। बाबरिया ने फैसला हाईकमान पर छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद भी उन्होंने दिल्ली के प्रभारी पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
हार के तुरंत बाद कांग्रेसी नेता प्रदेश नेतृत्व से लेकर प्रभारी तक पर निशाना साध रहे थे। सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा और कैप्टन अजय यादव ने खुलकर प्रभारी पर एकतरफा होने के आरोप लगाए थे। बाबरिया को हुड्डा समर्थक माना जाता है। लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक हुड्डा विरोधी गुट के नेता बाबरिया की कई शिकायतें हाईकमान से कर चुके हैं। हालांकि, उस समय हाईकमान ने किसी नेता की सुनवाई नहीं की।
तीन साल में तीन प्रभारी, गुटबाजी खत्म हुई न संगठन बना
कांग्रेस बीते तीन साल में हरियाणा में तीन प्रभारी बदल चुकी है। 2022 तक हरियाणा की कमान विवेक बंसल के पास थी। दिसंबर 2022 में कांग्रेस हाईकमान ने बंसल के स्थान पर शक्ति सिंह गोहिल को यह जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन वह भी लंबे समय तक हरियाणा में नहीं रहे। इसके बाद दीपक बाबरिया को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया। तीनों ही नेता न तो हरियाणा के नेताओं की गुटबाजी खत्म कर पाए और न ही प्रदेश में संगठन बना पाए।
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष और अध्यक्ष बनाने को लेकर घमासान
कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष बनाने तथा नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर घमासान शुरू हो गया है। चुनाव हारने के बाद उदयभान और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा पर इस्तीफे के लिए दबाव बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो हाईकमान हुड्डा विरोधी गुट को कमान सौंपने की तैयारी में है। हाईकमान कुमारी सैलजा को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर मंथन कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के बेटे चंद्रमोहन के नाम पर विचार चल रहा है। वहीं, हुड्डा गुट की ओर से प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री और विधायक गीता भुक्कल और नेता प्रतिपक्ष के लिए थानेसर के विधायक अशोक अरोड़ा का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है।