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बाबा रामदेव पर केस दर्ज करने के मामले में पुलिस की फजीहत

Tue, 24 May 2016 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक।
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रामदेव - फोटो : getty
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बाबा रामदेव के विवादित बयान मामले में सोमवार को कोर्ट में रोहतक पुलिस की खूब फजीहत हुई। पहले तो आधी-अधूरी रिपोर्ट लेकर कोर्ट पहुंचे एसआई और डीएसपी को कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। इसके बाद कोर्ट ने एसपी को पेश होने के आदेश दिये। करीब चार घंटे में डीएसपी को तीन बार एसपी के बचाव में अदालत में पेश होना पड़ा। फिर एसपी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र भेजकर मामले में 10 दिन का समय और मांगा। एसपी ने पत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि रिपोर्ट अभी अधूरी है। इस कारण उन्हें 10 दिन का समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 3 जून तय की है। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर एसपी को खुद रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं। 
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एसीजेएम हरीश गोयल की अदालत में पुलिस को बाबा रामदेव के विवादित बयान के संबंध में जांच रिपोर्ट पेश करनी थी। कोर्ट ने रिपोर्ट तैयार कर एसपी शशांक आनंद को पेश होने के आदेश दिये थे। सुनवाई के दौरान सुबह पहले तो एक एसआई रिपोर्ट लेकर अदालत में पेश हुआ। जब एसआई ने रिपोर्ट पेश की तो कोर्ट ने पूछा कि आप कौन? एसआई ने बताया कि वह बाबा रामदेव के विवादित बयान से संबंधित रिपोर्ट डीएसपी की जगह पेश करने आए हैं।

इस पर कोर्ट ने एसआई को फटकार लगाकर वापस भेज दिया और डीएसपी को पेश होने के आदेश दिये। कुछ देर बाद डीएसपी डॉ. रवींद्र सिंह रिपोर्ट लेकर अदालत में पेश हुए। लेकिन जज ने शिकायतकर्ता के वकील ओमप्रकाश चुग के विरोध से सहमत होते हुए डीएसपी को फिर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जब आप रिपोर्ट पेश करने के लिए अधिकृत नहीं हैं तो अदालत में पेश क्यों हुए? अदालत ने कहा कि आप पर कोर्ट की अवमानना का केस बन सकता है। इसके बाद डीएसपी भागे-भागे एसपी के पास पहुंचे, लेकिन एसपी किसी कार्य में व्यस्त थे। इस वजह से पेश नहीं हो सके। इसके बाद डीएसपी फिर कोर्ट में पेश होकर एसपी के व्यस्त होने की बात बताई।
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इस बार कोर्ट ने डीएसपी की रिपोर्ट जमा करते हुए एसपी के नहीं पेश होने का ठोस कारण पेश करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में एसपी से लिखित में जवाब लेकर आओ। इस पर डीएसपी एक बार फिर एसपी के पास पहुंचे। एसपी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र भेजकर कहा कि मामले में अभी रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने इस हिदायत के साथ कि अगली पेशी पर एसपी खुद रिपोर्ट लेकर पेश होंगे, सुनवाई की अगली तारीख 3 जून तय कर दी।
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जब रिपोर्ट अधूरी थी तो पुलिस पहले क्या पेश कर रही थी?

बाबा रामदेव
बाबा रामदेव के विवादित बयान मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा है। शिकायतकर्ता के वकील ओमप्रकाश चुग का कहना है कि जब रिपोर्ट तैयार ही नहीं थी तो पुलिस एसआई और डीएसपी के माध्यम से पेश क्या कर रही थी? वह कैसी रिपोर्ट है जिसे डीएसपी ने अदालत में जमा कराई है? यही नहीं जब रिपोर्ट अधूरी थी तो पुलिस ने कोर्ट को यही बात पहले क्यों नहीं बताई? शिकायतकर्ता के वकील ओमप्रकाश ने कोर्ट से एसपी के प्रार्थना पत्र और रिपोर्ट की कॉपी मांगी है। 

ये है मामला 
पिछले दिनों रोहतक की अनाज मंडी में हुए सद्भावना सम्मेलन में बाबा रामदेव ने मंच से कहा था कि अगर कानून नहीं होता तो भारत माता की जय नहीं बोलने वाले एक नहीं, लाखों के सिर कलम कर देते। मामले में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुभाष बतरा ने एसपी को शिकायत देकर बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो वह कोर्ट चले गए। कोर्ट ने एसपी शशांक आनंद से मामले की जांच करके रिपोर्ट मांगी और 30 अप्रैल तक उसे कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। मामले की जांच में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री को नोटिस जारी करके बुलाया था। उनके अलावा अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए। लेकिन पुलिस बाबा रामदेव का बयान नहीं दर्ज कर पाई। इस कारण कोर्ट ने पुलिस को 23 दिन का समय दिया था। 

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पुलिस की तरफ से अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। एसपी ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए कोर्ट से 10 दिन का समय मांगा था। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तीन जून तय की है। 
- ओमप्रकाश चुग, शिकायतकर्ता के वकील 
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 पुलिस बाबा रामदेव का बचाव कर रही है, क्योंकि आगामी 5-6 जून को उनका चंडीगढ़ में योग शिविर है। पुलिस इसके बाद की सुनवाई की तारीख लेना चाहती है। 
- सुभाष बतरा, पूर्व मंत्री एवं शिकायतकर्ता
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