पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि सिख पंथ के योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहीदी दिवस पर होने वाले समागम यादगार होंगे। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष बैठक में सुखबीर ने शहीदी दिवस पर होने वाले समागमों पर विचार विमर्श किया। दिल्ली में अगले महीने होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियों की भी उन्होंने जानकारी ली।
बादल ने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर नमित समारोह पहले ही शुरू हो चुके हैं और विश्वस्तरीय समारोहों की श्रृंखला विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 20 मई को गुरदासपुर जिले के गांव गुरदास नंगल से एक विशाल गुरमत समागम के साथ शुरुआत हुई थी और यह सिलसिला जून के अंत तक जारी रहेगा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर नगर कीर्तन, सेमिनार, गुरमत समारोह और बाबा बंदा सिंह बहादुर के शस्त्रों के दर्शन करवाने के अतिरिक्त नई दिल्ली में मैराथन का आयोजन होगा।
बैठक में छप्पड़ चिड़ी, साहिबजादा अजीत सिंह नगर में विशाल समारोह के आयोजन पर विस्तृत विचार किया गया। दिल्ली के कुतुब मीनार के समीप बाबा बंदा सिंह बहादुर का बुत स्थापित करने और आधुनिक तकनीक के सहारे दिल्ली में एक विशाल समारोह के आयोजन पर भी विचार किया गया। बादल ने बताया कि इन समारोह की बड़ी सफलता के लिए पंजाब सरकार एसजीपीसी को हर संभव सहायता देगी।
उपमुख्यमंत्री ने एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ को श्री गुरू गोबिंद सिंह के 350 वर्षीय प्रकाश पर्व और पंजाबी राज्य के 50वें वर्ष संबंधी समारोह की नीति तैयार करने के लिए भी कहा। बैठक में सुखबीर के अलावा एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह, संसद सदस्य रणजीत सिंह ब्रहमपुरा और बलविन्दर सिंह भूंदड़ ,कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, मुख्य संसदीय सचिव विरसा सिंह वलटोहा, हरमीत सिंह संधू, उपमुख्यमंत्री के ओएसडी चरणजीत सिंह बराड़ और एसजीपीसी सदस्य उपस्थित थे।