दवा-चिकित्सा उपकरण मरीजों के बेड तक पहुंचाने की तैयारी
आपातकालीन विभाग के बाहर एक विशेष क्षेत्र को चिह्नित किया गया है। यहां अमृत फार्मेसी केवल उन मरीजों को दवा उपलब्ध कराएगी जो कैशलेस योजनाओं के तहत लाभान्वित होते हैं। पीजीआई और अमृत फार्मेसी मिलकर स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर काम कर रहे हैं ताकि नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत दवाएं और चिकित्सा उपकरण सीधे मरीजों तक उनके बेड पर पहुंचाए जाएं।
पीजीआई के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
खबर प्रकाशित होने के बाद निदेशक से चिकित्सा अधीक्षक तक हरकत में आ गए और पुलिस को शिकायत देने से लेकर जांच कमेटी तक का गठन कर दिया। हालांकि पुलिस सूत्रों का मानना है कि इस मामले में पीजीआई के कर्मचारियों की भी भूमिका संदिग्ध दिख रही है।
सबसे बड़ा सवाल...पीजीआई ने पहले क्यों नहीं दर्ज कराई शिकायत
- सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पीजीआई प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले की पहले से जानकारी होने के बाद शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई।
- इस पूरे मामले की अंदरूनी कमेटी से जांच पहले भी कराई जा सकती थी, लेकिन पीजीआई प्रशासन ने मामले को दबाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।