राम जन्म भूमि ट्रस्ट की ओर से भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सिखों को प्रतिनिधित्व देने के लिए सिख धर्म की सर्वोच्च अदालत श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह सहित अन्य तख्तों के जत्थेदारों को न्योता भेजा गया। लेकिन कट्टरपंथियों के दबाव में कार्यक्रम में शामिल न होकर जत्थेदार साहिबान ने हिंदू-सिखों की सदियों पुरानी सांझ को चोट पहुंचाई।
जबकि अयोध्या में प्रभु राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री अमृतसर साहिब व पटना साहिब का जिक्र कर सिख धर्म के दो सर्वोच्च धार्मिक स्थानों को इस पावन अनुष्ठान के साथ जोड़ा। श्री अमृतसर साहिब में सिख धर्म का महान धार्मिक केंद्र सचखंड श्री हरमंदिर साहिब है। वहीं भक्ति और शक्ति का स्रोत श्री अकाल तख्त साहिब है।
दूसरी तरफ तख्त श्री पटना साहिब जहां दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अवतार लिया था। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उल्लेख कर सिखों के दोनों केंद्रीय बिंदुओं को राममय में सराबोर बताया। वहीं अलग-अलग महापुरुषों व ऋषियों द्वारा लिखी रामायण का उल्लेख करते कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह ने भी गोबिंद रामायण लिखी है। श्री गुरु गोबिंद सिंह द्वारा रचित दशम ग्रंथ में राम अवतार व कृष्ण अवतार के दो अध्याय हैं।