चंडीगढ़। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में चल रहे केस में सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर चंडीगढ़ के धार्मिक संगठनों ने खुशी जताई है। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देर से ही सही सत्य की जीत हुई है। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कहा न्यायालय का हर फैसला मंजूर है।
यह कहना है धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों का..
न्यायपालिका के फैसले का स्वागत
सीबीआई न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हैं। मैंने हमेशा कहा है कि हम मंत्रों के रचने वाले भारतीय कभी षड्यंत्र नहीं रचते। अयोध्या का ढांचा गिराना कोई षड्यंत्र नहीं बल्कि पांच शताब्दियों से कुचली जा रही हिंदू आस्था का स्वाभाविक विस्फोट था। यह फैसला बहुत पहले ही आना चाहिए था।
-प्रदीप शर्मा, अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़
सत्य की जीत हुई
सत्य की जीत हुई है। देर से ही सही स्वागतयोग्य फैसला है। न्यायालय के फैसले से समाज में खुशी है। यह हम सभी को स्वीकार है। इससे समाज के सभी वर्गों में सुखद संदेश गया है।
-रमेश कुमार शर्मा, अध्यक्ष, गौरी शंकर सेवादल चंडीगढ़
न्यायपालिका ने सही फैसला दिया
न्यायपालिका ने सही फैसला दिया है। इससे मन में काफी खुशी है। चंडीगढ़ या देश ही नहीं पूरे विश्व में बेहतर संदेश जाएगा। हमारी न्यायपालिका बेहतर है। 28 साल बाद आए इस फैसले का स्वागत है।
-भूपेंद्र शर्मा, चेयरमैन, चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा
सभी आरोपियों को बरी किया जाना स्वागत योग्य
28 बाद फैसला आया है। सभी लोगों को बरी कर दिया गया है। यह स्वागत योग्य कदम है। देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़ फैसले का स्वागत करती है। सभी को खुश होना चाहिए।
-ईश्वर चंद्र शास्त्री, अध्यक्ष, देवालय पूजक परिषद चंडीगढ़
फैसले पर खुशी की लहर
न्यायालय के फैसले पर हर तरफ खुशी है। इस ऐतिहासिक फैसले की बधाई। सभी लोगों में उत्साह है। चाहे वह किसी भी धर्म या संप्रदाय का हो। हर कोई फैसले का स्वागत कर रहा है।
-डॉ. लाल बहादुर दुबे, कोषाध्यक्ष, देवालय पूजक परिषद और पुजारी श्री राधा कृष्ण मंदिर सेक्टर-18
देर से फैसला लेकिन स्वागत योग्य
यह फैसला बहुत पहले आ जाना चाहिए था। लेकिन देर से ही सही बेहतर फैसला है। इस फैसले का स्वागत है। न्यायालय का बहुत अच्छा फैसला है। इससे देश और मजबूत होगा।
अरुणेश अग्रवाल, प्रधान, श्री सनातन धर्म मंदिर सेक्टर-11
-----------------------------------------------------
मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कहा न्यायालय के हर फैसले मंजूर
कोर्ट के फैसले का सम्मान
हमेशा कोर्ट के फैसले का सम्मान किया है। न्यायालय की नजर में जो बेहतर था, वही फैसला दिया। अब न्यायपालिका पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। देश के 130 करोड़ लोगों का जो भरोसा है, वह बना रहे। ईमानदारी से काम करती रहे ताकि आवाम के ऊपर न्यायपालिका का भरोसा बना रहे।
-कारी शमशेर अली, इमाम, जामा मस्जिद सेक्टर-45
न्यायालय का हर फैसला मंजूर
न्यायपालिका ने बेहतर काम किया है, जिन लोगों पर मुकदमा चल रहा था, उन सभी को 28 साल के बाद न्यायालय ने बरी कर दिया है। हमेशा न्यायालय के इंसाफ पर यकीन रखता हूं। न्यायपालिका के हर फैसले को मंजूर किया है। न्यायपालिका स्वतंत्र है। उसके हर फैसले को मानना हमारा कर्तव्य है।
-मौलाना इमरान, मनीमाजरा