प्रधानमंत्री आवास योजना
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हरियाणा सहित देश में नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू है। केंद्र ने इसके तहत मुआवजा देने के लिए फैक्टर वन और टू लगाने का निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा है। सरकार अगर इस कानून के तहत भूमि अधिग्रहीत करती है तो किसान फैक्टर टू के तहत मुआवजा देने की मांग को लेकर पहले तो आंदोलन करते हैं और सरकार के राजी न होने पर कोर्ट चले जाते हैं, जिससे सरकार को जमीन भी नहीं मिलती और कोर्ट केस का चक्कर अलग पड़ जाता है।
इसे देखते हुए सरकार ने भूमि अधिग्रहण से तौबा कर ली है। ई-भूमि खरीद पोर्टल पर जमीन देने का पंजीकरण वाले किसान भी मोलभाव के दौरान मोटी रकम मांग रहे हैं, जिससे सरकार को पर्याप्प्त भूमि नहीं मिल रही।
हाईकोर्ट में भी शपथ पत्र दे चुके मुख्य सचिव
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी मुख्य सचिव बीते 13 नवंबर को यह शपथ पत्र दे चुके हैं कि सरकार के पास एक लाख 25 हजार पात्रों को प्लॉट आवंटित करने के लिए भूमि नहीं है। कोर्ट ने प्लॉट आवंटन न होने पर सरकार से जवाब मांगा हुआ था।
सीएम की कमिटमेंट, पात्रों को हर हाल में देंगे प्लॉट : राजपाल
हरियाणा विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रधान सविच सुधीर राजपाल ने कहा कि पात्र लोगों को प्लॉट आवंटित करने के लिए सीएम मनोहर लाल प्रतिबद्ध हैं। उनकी कमिटमेंट है कि पात्रों को जहां से जैसे भी होगा भूमि का प्रबंध कर प्लॉट दिए जाएंगे। सरकार किसी को भी बेघर नहीं रहने देगी।