चंडीगढ़ जिला अदालत में मंगलवार को ऑटो गैंगरेप मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट में रिकॉर्ड रूम सुपरिंटेंडेंट की गवाही हुई। सुपरिंटेंडेंट ने अदालत में मामले में दोषी मोहम्मद इरफान के एक अन्य ऑटो गैंगरेप मामले के रिकॉर्ड को पेश किया। यह रिकॉर्ड अटैच कर लिया गया। सजा पर फैसला बुधवार को सुनवाई पर हो सकता है।
बता दें कि 13 दिसंबर 2016 की रात को 21 वर्षीय पीड़िता ड्यूटी के बाद अपने घर जा रही थी। पीड़िता ने पिकाडली चौक से घर जाने के लिए ऑटो लिया। ऑटो में दो व्यक्ति सवार थे। एक ऑटो चला रहा था, जबकि दूसरा पीछे बैठा था। आरोपियों ने सुनसान जगह पर ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर रोक लिया और उसे ठीक करने का नाटक करने लगे।
उसी दौरान ऑटो में बैठे आरोपी ने पीड़िता को धक्का मारा। तभी एक आरोपी ने चाकू निकालकर पीड़िता को धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ने उसके साथ सामूहिक रेप किया। रेप के दौरान आरोपियों ने वीडियो भी बनाई। आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसका वीडियो वायरल कर देंगे।
पीड़िता ने घर जाकर सारी घटना अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पीड़िता के पहचान बताने पर आरोपियों के स्कैच ऑटो स्टैंड पर लगाए गए। जांच के बाद मामले में दोषी हसन को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। मोहम्मद इरफान को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर तीन दिन का रिमांड लिया गया था। उसका डीएनए टेस्ट किया गया।
इस दौरान इरफान का डीएनए केस के साथ मैच पाया गया। मोहम्मद इरफान पहले ही रेप मामले में सजा काट रहा है। पीड़िता ने टीआईपी के दौरान आरोपियों की पहचान की थी।