यूटी प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को शहर के विभिन्न ऑटो चालक यूनियनों ने चक्का जाम रखा। ज्यादातर चालकों ने ऑटो रिक्शा घर पर खड़े रखा, जिससे सवारियों को दिनभर भटकना पड़ा। कई स्थानों पर लोग ऑटो रिक्शा के इंतजार में खड़े रहे, लेकिन कोई ऑटो नहीं मिला। ऐसे में लोग परेशान होकर निजी साधनों से या पैदल अपने स्थान तक गए।
हिंद ऑटो रिक्शा वर्कर यूनियन के प्रेसिडेंट अनिल कुमार ने बताया कि पूरे कागज होने के बावजूद उन्हें शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। पंचकूला के सभी ऑटो चालकों को सीएनजी गैस भरवाने के लिए चंडीगढ़ में ही आना पड़ता है। पंचकूला के आसपास लगभग 90 किलोमीटर के दायरे में कोई भी सीएनजी व एलपीजी फिलिंग स्टेशन नहीं है।
इसकी वजह से वह मजबूरी में चंडीगढ़ के फिलिंग स्टेशन से गैस भराते हैं। ऐसे में उन्हें आने से रोका जाता है व ऑटो जब्त किए जा रहे हैं। अनिल ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मोहाली और पंचकूला से आने वाले ऑटो के साथ धक्का करते हुए, उनको एंट्री प्वाइंट पर परमिट और एंट्री टैक्स में उलझा कर रोक दिया जाता है।
चंडीगढ़ में एंट्री करने पर हर ऑटो वालों को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट विभाग टैक्स देने के लिए कहता है। ट्राइसिटी में चल रही एचआर-68 की प्राइवेट नंबरों की बस, जोकि स्कूलों से बच्चों को लाने व छोड़ने का काम करती है, लेकिन उनके पास भी न तो परमिशन है और न ही कोई परमिट। जब प्रशासन उन्हें शहर में एंट्री करने से नहीं रोकता तो ऑटो चालकों को क्यों परेशान किया जाता है।
प्रशासन के खिलाफ जारी रहेगा विरोध
हिंद ऑटो रिक्शा वर्कर यूनियन के प्रेसिडेंट अनिल कुमार ने बताया कि यूनियन शांति तरीके से विरोध प्रदर्शन रही है। उन्होंने जबरन किसी ऑटो चालक को रोकने का प्रयास नहीं किया। न ही कही जाकर नारेबाजी की है। यूनियन की तरफ से सभी को यह कहा गया है कि स्कूल के बच्चों व मरीजों को लेकर जा रहे ऑटो रिक्शा को रोका नहीं जाएगा। कहा कि शांति तरीके से प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा।