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स्कूल के बाहर बच्चों का इंतजार कर रहा था ऑटो चालक, अचानक गिरा पेड़ और हो गई मौत

Fri, 12 Jul 2019 11:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्षतिग्रस्त ऑटो - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के सेक्टर-37सी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर खड़े एक ऑटो पर अचानक सफेदा (यूकेलिप्टस) की भारी भरकम डाल गिर गई। इससे ऑटो में बैठे चालक की दबकर मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ऑटो का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया। मृतक की पहचान मलोया निवासी नरेश कुमार (53) के रूप में हुई है। 

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नरेश स्कूल के बाहर ऑटो खड़ा कर बच्चों की छुट्टी होने का इंतजार कर रहा था। हैरानी इस बात कि है कि इससे पहले भी शहर में पेड़ गिरने से कई मौतें हो चुकी हैं लेकिन यूटी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन समय रहते पेड़ों की जांच क्यों नहीं करता? या फिर समय-समय पर पेड़ों की छंटाई क्यों नहीं कराई जाती। फिलहाल सेक्टर-39 थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। 

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- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-37सी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के बाहर ऑटो नंबर (सीएच04के 9720) इंतजार कर रहा था। ऑटो में चालक नरेश बैठा हुआ था। इसी बीच अचानक पास लगे यूकेलिप्टस के पेड़ की भारी भरकम डाल ऑटो पर आ गिरी। हादसे में ऑटो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और चालक नरेश दब गया। 

शोरशराबे के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने लोगों की मदद से घायल नरेश को किसी तरह ऑटो से बाहर निकाला। उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। ऑटो और सड़क खून से लाल हो गई थी। पीसीआर ने घायल नरेश को तुरंत पीजीआई में पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसी स्कूल में पढ़ती थी नरेश की नातिन 
नरेश कुमार मलोया कालोनी के मकान नंबर 5394 में परिवार समेत रहते थे। उनके एक बेटा और पांच बेटियां हैं। बेटा शनि कुमार पीजीआई में लैबोरेटरी में कार्यरत है। शनि ने बताया कि पिता नरेश कुमार रोजाना की तरह स्कूल से बच्चों को लेकर उनके घर छोड़ने जाने वाले थे। इसी स्कूल में उनकी नातिन वैष्णो छठी क्लास में पढ़ती है। 

परिवार था पिता पर निर्भर  
नरेश की पांच बेटियां है। ऐसे में घर की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। घर में कमाने वाले वह इकलौते थे। ऐसे में इस हादसे के बाद परिवार की का कोई सहारा नहीं बचा है। नरेश ऑटो चलाने के अलावा पार्ट टाइम बच्चों को स्कूल ले जाने और लाने का काम करते थे। हादसे के बाद से ही परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। 

एक साल में हो चुकी हैं चार मौतें  
2 जून वर्ष 2018 में सेक्टर-10/11 के डिवाइडिंग रोड पर पेड़ गिरने से युवक की मौत। 14 अगस्त वर्ष 2018 को सेक्टर-10 में दो भाई दिनेश और रमेश पर पेड़ गिरा था। इसमें दिनेश की मौत हो गई जबकि रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया। 12 जून वर्ष 2109 में मौलीजागरां निवासी बलीराम पर पेड़ गिरने से मौत, दो अन्य घायल ।
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