पहला नवरात्र भी सिद्धमुहूर्त
इसी प्रकार, 13 अप्रैल को विक्रमी संवत 2077 का प्रथम दिवस अर्थात पहला नवरात्र भी सिद्धमुहूर्त है और इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। इसलिए 16 फरवरी वसंत पंचमी एवं 13 अप्रैल बैसाखी के दिन शादियां संपन्न होंगी। 21 अप्रैल को रामनवमी के दिन भी सिद्ध मुहूर्त है। सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री ने कहा कि उनके सभी पुजारी बुक हैं। ये पुजारी नौ शादियां कराएंगे। पांच विवाह दिन में और चार रात्रि लग्न में संपन्न होंगे।
वसंत पंचमी को सर्वार्थसिद्धि योग
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे का कहना है कि वसंत पंचमी को सवार्थसिद्धि योग और सिद्धियोग के कारण विवाह कार्य संपन्न होंगे। वसंत पंचमी को पूरा दिन और रात सर्वार्थसिद्धि योग हैं।
15 कार्ड गणेश जी को किए अर्पित
सेक्टर-32 के प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित अभय चंद्र झा ने बताया कि जिनके घरों में बेटे-बेटियों की शादियां हैं, वे मंदिर में आकर गणेश जी को निमंत्रण देने के लिए कार्ड लेकर आ रहे हैं। अब तक 15 से भी अधिक बेटे-बेटियों के माता-पिता गणेश जी को कार्ड अर्पित कर चुके हैं।