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Chandigarh News: 33 एकड़ जमीन की होने वाली नीलामी रद्द, आप-कांग्रेस ने भी माना-जल्दबाजी में पास किया एजेंडा

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चंडीगढ़। 21 जून को होने वाली 33 एकड़ खेती की जमीन की नीलामी अब नहीं होगी। चौतरफा विरोध के बाद नगर निगम ने अपने आदेश को मंगलवार को वापस ले लिया। इस नीलामी के विरोध में भाजपा के सभी पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा के साथ सलाहकार राजीव वर्मा से मुलाकात की। मुद्दे के गर्माने के बाद आप-कांग्रेस गठबंधन ने भी बैठक की। एजेंडा पास करने वाले पार्षद भी अब मान रहे हैं कि उन्होंने सदन में एजेंडा पास करने में जल्दबाजी कर दी थी।
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नगर निगम ने चार गांवों की करीब 33 एकड़ सरकारी जमीन को लीज पर देने की तैयारी कर ली थी। ये जमीन चाहर तर्फ बुड़ैल, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा अलीशेर, डड्डूमाजरा में है। 11 जून को आप और कांग्रेस के पार्षदों ने मिलकर यह एजेंडा पास किया था। पांच दिन बाद ही रविवार को विज्ञापन जारी हुआ और 21 जून को सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में नीलामी रखी गई थी। इस जल्दबाजी को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए। भाजपा सबसे पहले विरोध में उतरी। उसके बाद कांग्रेस और आप के पार्षदों ने भी निगम के इस फैसले को गलत ठहराया। सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू ने प्रशासक को शिकायत दे दी और नीलामी को रोकने की मांग की। सभी की चिंता थी कि निगम एक साल के लिए लीज पर जमीन देने जा रहा है, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके बाद भी एक्सटेंशन मिल सकती थी। कई साल बाद यह 33 एकड़ की जमीन निगम को वापस कैसे मिलेगी। संबंधित व्यक्ति अगर अदालत में चला गया तो मामला कई वर्षों तक लटक जाएगा। बता दें कि इस जमीन की कीमत सैकड़ों करोड़ है लेकिन निगम को हर साल लीज से करीब 10 लाख रुपये की ही आमदनी होती।

भाजपा के सभी पार्षद सलाहकार से मिले, नीलामी रद्द करने की मांग की : नीलामी के विरोध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जेपी मल्होत्रा के नेतृत्व में मंगलवार को भाजपा पार्षदों और नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सलाहकार राजीव वर्मा से मिला। उन्होंने 33 एकड़ कृषि भूमि को लीज पर देने के लिए होने वाली नीलामी को रद्द करने की मांग की। पार्षदों ने कहा कि जिस तरह से इस एजेंडे को लेकर जल्दबाजी की जा रही है, उससे लग रहा है कि इसमें कुछ लोगों का स्वार्थ छिपा हुआ है। एजेंडे को पास हुए 10 दिन भी नहीं हुए हैं। मिनट्स को भी मंजूरी नहीं दी गई है लेकिन नीलामी रख ली गई है। जेपी मल्होत्रा ने कहा कि सैकड़ों करोड़ रुपये की जमीन इस तरह देना गैरकानूनी है। उन्होंने सेक्टर-25 के श्मशान घाट पर खर्चे जाने वाले 7 करोड़ का मुद्दा भी उठाया। कहा कि इन मुद्दों ने आप-कांग्रेस की पोल खोल दी है। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर कुलजीत संधू, डिप्टी मेयर राजिंदर शर्मा, पूर्व मेयर अनूप गुप्ता, पार्षद हरजीत सिंह, लखवीर सिंह बिल्लू, कंवरजीत राणा, सौरभ जोशी, जसमनप्रीत सिंह, मनोज सोनकर, मनोनीत पार्षद नरेश पंचाल, मोहिंदर कौर, गीता चौहान, उमेश घई, सतिंदर सिद्धू, भाजपा नेता जगतार सिंह जग्गा, दविंदर बबला मौजूद थे।
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