चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के आबकारी और कराधान विभाग ने सेक्टर-17 स्थित दफ्तर में मंगलवार को बाकी बचे 24 शराब के ठेकों की नीलामी की। इसमें विभाग 16 ठेके बेचने में सफल रहा है। सेक्टर-37डी का ठेका सबसे महंगा 6.87 करोड़ में बिका है जबकि इसका आरक्षित मूल्य 5.30 करोड़ रुपये था। अन्य ठेके भी आरक्षित मूल्य से काफी महंगे बिके हैं।
यूटी प्रशासन ने वर्ष 2022-23 के लिए शहर में 96 ठेकों की नीलामी का फैसला किया था। 22 मार्च को पहली नीलामी हुई थी जिसमें 72 ठेके बिक गए थे लेकिन 24 ठेकों के लिए किसी ने रुचि नहीं दिखाई थी। उन्हीं 24 ठेकों को बेचने के लिए विभाग ने मंगलवार को नीलामी की। विभाग को 24 में से 16 ठेकों के लिए 27 बोलियां लगीं। इन ठेकों के कुल आरक्षित मूल्य 62.59 करोड़ रुपये की बजाय प्रशासन को 77 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है जो 23.06 प्रतिशत के करीब वृद्धि है। दो नीलामी में विभाग कुल 88 ठेकों की नीलामी करने में सफल रहा है। इनका कुल आरक्षित मूल्य 407.59 करोड़ रुपये था जबकि विभाग को आरक्षित मूल्य से करीब 22.15 फीसदी ज्यादा 497.91 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। हालांकि आठ ठेकों की नीलामी करने में विभाग अभी भी असफल रहा है। अधिकारियों के अनुसार इनकी नीलामी अप्रैल में की जाएगी। इस बार एक शराब विक्रेता को अधिकतम 10 ठेके ही आवंटित किए गए हैं। पिछले वर्ष की तरह परमिट और पास भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे।
वर्ष 2022-23 के लिए सबसे महंगा बिका है धनास का ठेका
वर्ष 2022-23 के लिए धनास का ठेका सबसे अधिक 12.78 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ है जबकि इस ठेके का आरक्षित मूल्य 10.39 करोड़ था। वर्ष 2021-22 के लिए यह ठेका 11.55 करोड़ रुपये में बिका था। इसके अलावा पलसोरा का शराब ठेका 11.61 करोड़, सेक्टर-40डी मार्केट का ठेका 9.85 करोड़, सेक्टर-30 का शराब ठेका 8 करोड़ 34 लाख रुपये में बिका है। बता दें कि यूटी प्रशासन ने 1 अक्तूबर 2022 से कंप्यूटराइज्ड बिलिंग शुरू करने का फैसला लिया गया है और बिल न जारी करने पर 5000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। फैसला लिया गया है कि ठेकों पर एक्सपायर शराब बेचने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
एक अप्रैल से 15-20 प्रतिशत तक महंगी हो जाएगी शराब
वर्ष 2022-23 की आबकारी नीति के अनुसार शहर में 1 अप्रैल से 15-20 फीसदी शराब महंगी हो जाएगी, क्योंकि प्रशासन ने 5.5 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। साथ ही हर बोतल पर लोगों को एक नया ई व्हीकल (ईवी) सेस भी देना होगा। ये प्रति बोतल अलग-अलग 2 से 40 रुपये के करीब होगा। इनपुट लागत और करों को ध्यान में रखते हुए मिनिमम रिटेल सेल प्राइस को भी 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कम अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, वाइन आदि को प्रोत्साहित करने और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस फीस व एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया नहीं गया है।