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हरियाणाः कार चालक को रोकने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Mon, 27 Aug 2018 09:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मतलौडा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्थानीय बस अड्डे पर ट्रैफिक नियंत्रित कर रहे सिपाही ने ओवरटेक कर रहे कार चालक को गाड़ी से उतार कर धमकाया तो कार चालक और उसकी पत्नी से सिपाही की मारपीट हो गई। महिला के फोन करने के बाद नैन गांव से काफी संख्या में परिजन आ पहुंचे। वहां उन्होंने सिपाही की जमकर धुनाई की और सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर उसके साथ मारपीट की। मामले में बीच-बचाव करने आए लोगों के विरोध में ग्रामीणों ने पानीपत- जींद हाईवे मतलौडा बस अड्डा चौक पर जाम लगा दिया। इसके बाद यातायात प्रभावित हो गया।

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पुलिसकर्मियों की मशक्कत के बाद शाम बाद जाम की स्थिति पर काबू पाया गया। सुनैना देवी अपने पति राकेश के साथ भाइयों को राखी बांधने के लिए कार में नरवाना से अपने मायके नैन गांव आ रही थी। घटना शाम पांच बजे की है। ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे सिपाही विजेंद्र सिंह हवलदार के साथ ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे थे। राखी का त्योहार होने के कारण बस अड्डा चौक पर जाम की स्थिति बनी हुई थी। पुलिसकर्मी अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक को बारी बारी निकाल रहे थे।

इसी दौरान नरवाना वासी राकेश ने अपनी कार ओवरटेक कर निकालनी चाही तो एक बाइक सवार से टकरा गई। उसी दौरान सिपाही विजेंद्र ने कार चालक को रोकने की कोशिश की तो कार सिपाही के पैर से टकरा गई। दोनों सिपाहियों ने कार को रुकवाने के लिए शीशों पर हाथ मारते रहे। लेकिन ड्राइवर राकेश ने करीब सौ मीटर दूर जाकर गाड़ी को रोका। वहां सिपाही विजेंद्र ने राकेश को जबरदस्ती कार से खींचकर बाहर निकाला तो दोनों में हाथापाई हो गई। कार में बैठी महिला सुनैना भी बीच में आ गई। फिर तीनों के बीच में हाथापाई शुरू हो हो गई।
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महिला सुनैना व उसके पति राकेश ने आरोप लगाया कि सिपाही ने जबरदस्ती राकेश को कार से खींचकर पिटाई की और जब उसे छुड़वाने सुनैना आई तो सिपाही ने उसका हाथ पकड़कर मरोड़ दिया। महिला सुनैना ने फोन कर नैन गांव में घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, तो काफी संख्या में युवा लड़के व दो महिला घटना स्थल पहुंचे। उनके तेवर देखकर केमिस्ट ने सिपाही को अपने मेडिकल स्टोर में छिपा दिया। लेकिन भीड़ जबरदस्ती स्टोर में घुसने का प्रयास करने लगी।

इस दौरान दूसरे हवलदार ने भी उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनके साथ भी भीड़ ने हाथापाई की। आखिरकार भीड़ मेडिकल स्टोर में घुस गई व सिपाही की पिटाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान सिपाही की वर्दी भी फट गई। किसी तरह भीड़ को बाहर निकाला। भीड़ बढ़ती देखकर स्टोर संचालक ने सिपाही को चुपके से बाहर निकालकर साथ लगती गली में निकाल दिया। भीड़ को पता लगते ही लोग पीछे दौड़ पड़े और गली में जाकर सिपाही को पकड़ कर लात घूंसे से खूब पिटाई की।

बीच बचाव जो भी सिपाही को छुड़वाने की कोशिश करता, भीड़ उसी पर टूट पड़ती व उसकी पिटाई करने लगती। किसी तरह लोगों ने सिपाही को छुड़वाया और बाइक पर बैठाकर दूर ले गए।

घटना के बाद लगाया जाम
नैन गांव के लोगों ने पानीपत-जींद हाईवे पर मतलौडा बस अड्डे पर शाम पांच बजे जाम लगा दिया। जाम लगाने वाले ज्यादातर युवा लड़के थे। दोनों ओर वाहनों की लाइनें लग गई। मौके पर पहुंचे एसएचओ धर्मबीर खर्ब ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। जाम लगाने वाले युवा लड़के इतने उत्तेजित हो गए कि जो भी लोग जाम खुलवाने की कोशिश करता उसी की पिटाई कर देता। आखिर लोगों की मांग पर मतलौडा थाना प्रभारी ने सिपाही को सस्पेंड करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बाद शाम 7 बजे जबरदस्ती जाम खुलवाया।

नौकरी से दिल भर गया
मैंने शराब नहीं पी रखी है। किसी को शक हो तो मेरा मेडिकल करवा सकता है और न ही किसी के साथ छेड़छाड़ की। सभी आरोप निराधार हैं। कार पैर पर चढ़ने और कहने के बाद भी गाड़ी को न रोकने के कारण मैंने ड्राइवर को धमकाया था। महिला व उसके पति ने ही मेरे साथ मारपीट की। लोगों ने भी मुझे नहीं छुड़वाया। जनता के लिए काम करने के बावजूद जनता ही उनकी बेइज्जती करती है। इस वारदात के बाद से उसका पुलिस की नौकरी से मन भर गया।
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- विजेंद्र, सिपाही
 

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