गुरदासपुर निवासी गुरप्रीत कौर के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आवास के बाहर आत्महत्या के प्रयास के बाद पंजाब की सियासत गर्मा गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया है।
सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने शुक्रवार सुबह जनरल अस्पताल जाकर गुरप्रीत कौर का हालचाल पूछा। उसे हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। बाद में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जाखड़ ने कहा कि युवती ने बताया कि वह लंबे समय से चक्कर काट रही है।
बादल परिवार हर माह दरबार साहिब में अरदास कराता है। वहां भी उसने मिलने की कोशिश की। वह सीएम को काफी समय पहले नौकरी के लिए अर्जी देकर गई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उसके पास खाना खाने तक के पैसे नहीं हैं, तभी यह कदम उठाना पड़ा।
सरकार ने हर साल दो लाख बेरोजगारों को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। बेरोजगारी ही नशों के लिए भी जिम्मेदार है। इसलिए सुखबीर बादल डिप्टी सीएम और शिअद प्रधान पद से इस्तीफा दें।
नैतिक रूप से बादल जिम्मेदार : बाजवा
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा ने गुरप्रीत कौर के आत्महत्या के प्रयास के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को नैतिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि शिअद ने बेरोजगारी खत्म करने का दावा किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी बेरोजगारों को सपने दिखाए थे।
बादल अपने अंदर झांकें कि सरकार ने कितने वादे पूरे किए, असफलता के बारे में लोगों को स्पष्टीकरण दें। शिअद ने पहले बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया, फिर इसे कौशल सुधार भत्ता बना कर युवाओं को झटका दिया। राज्य में बेरोजगारों की संख्या लाखों में हो सकती है, लेकिन सरकार की उदासीनता अपराधिक रवैया प्रकट करती है।
हालात हुए विस्फोटक : मनप्रीत बादल
पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब के प्रधान मनप्रीत बादल ने महिला द्वारा सीएम आवास के बाहर आत्महत्या के प्रयास को गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि पंजाब में हालात विस्फोटक हो चुके हैं। सत्ताधारी पार्टी लोगों से किए वादे पूरे करने में असफल रही है।
यह अपनी तरह का पहला वाक्या है, जब नौकरी न मिलने से हताश महिला ने सीएम आवास के बाहर ऐसा कदम उठाने का फैसला किया। सीएम को अपना मेनिफेस्टो देखना चाहिए, जिसमें बेरोजगारी दूर करने का वादा किया गया था। उन्होंने सीएम से सवाल किया कि राज्य के मौजूदा हालातों को ठीक करने को उन्होंने क्या रणनीति बनाई है।
आत्मदाह की कोशिश सरकार की असफलता का नतीजा
लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक महिला द्वारा मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आवास के बाहर आत्मदाह के प्रयास पर हैरानी जताई है।
कैप्टन ने कहा कि यह जन हित से जुड़े मसले, खासकर बेरोजगारी, हल करने में असफलता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सीएम संगत दर्शनों के जरिए लोगों तक पहुंचने का दावा करते हैं।
लेकिन सच यह है कि उनके दरवाजे उस महिला के लिए बंद थे। उसे सीएम से मिलने नहीं दिया तो उसने अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की।