इसके बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गये लेकिन सभी हमलावर पंचायत द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इस दौरान एक हमलावर भागते समय मोटरसाइकिल से नीचे गिर गया, जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार कुछ हमलावर गांव के ही रहने वाले हैं जबकि कुछ युवक आसपास के गांव के हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
मां बोली- बेटे में है देश सेवा का जज्बा, इसलिए छुट्टी पर दे रहा ठीकरी पहरा
दिलबाग की मां कैलाशो देवी का कहना है कि करीब 16 साल पहले उसका बेटा सेना में भर्ती हुआ था। दिलबाग नौ मार्च को घर आया था। उसे 28 मार्च को वापस ड्यूटी पर जाना था, परंतु लॉकडाउन के कारण छुट्टियां बढ़ा दी गई। देश सेवा का जज्बा ही था कि दिलबाग ने सरपंच को कहा कि कोई भी अज्ञात व्यक्ति गांव में ना आए।
इसके लिए गांव में ठीकरी पहरा लगाया जाए। इसके बाद गांव में सरपंच ने ठीकरी पहरा लगाया लेकिन आरोपियों को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने बेटे पर जानलेवा हमला किया है। प्रशासन से अपील है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिले।
पीड़ित पक्ष ने अभी कोई शिकायत नहीं दी है। जैसे ही शिकायत मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। -राजेंद्र कुमार, इंचार्ज, ब्याना चौकी।