पंचकूला में तीन दिवसीय हरियाणा साहित्य संगम का समापन
- फोटो : अमर उजाला
पंचकूला सेक्टर-5 के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में रविवार को तीन दिवसीय हरियाणा साहित्य संगम का समापन हो गया। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान दी गई साहित्यिक प्रस्तुति-‘शब्द संसार हमारा ऐसा बस जाएगा’ व ‘हरियाणा के हर एक कण को अपने मन का मीत लिखो’ ने दर्शकों का मन मोह लिया। राज्यपाल ने विभिन्न अकादमियों की पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस मौके पर राज्यपाल सोलंकी ने कहा कि जिस तरह प्रदेश ने ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का नारा दिया है, उसी तरह ‘भारत एक-भारतीय एक’ का मूलमंत्र अपनाने की जरूरत है।
इसी संदेश के साथ भारत 21वीं सदी में पूरे विश्व में डंका बजाएगा। इससे पहले प्रबुद्ध भाषाविद् प्रो. मोहन मैत्रेय ने विचार रखे। डॉ. लालचंद मंगल ने हरियाणा साहित्य अकादमी, बीडी कालिया हमदम ने उर्दू, सुदर्शन गासो ने पंजाबी, प्रो. अधिराज राजेंद्र मिश्र ने संस्कृत व डॉ. केवल कृष्ण ने ग्रंथ अकादमी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
पंचकूला में तीन दिवसीय हरियाणा साहित्य संगम का समापन
पंचकूला में तीन दिवसीय हरियाणा साहित्य संगम का समापन
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वहीं हरियाणा साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक डॉ. चंद्र त्रिखा ने तीन दिन के कार्यक्रम की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट पेश की। इसमें उन्होंने राज्यपाल से मध्यप्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में भी भारत भवन और लेखक सदन स्थापित कराने की मांग की।
इस पर राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि वह सरकार तक इस मांग को पहुंचाएंगे। इस मौके पर राज्यपाल ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वयोवृद्ध साहित्यकारों के साथ कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया। इस दौरान पर सांसद रतन लाल कटारिया, सहकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल, स्वर्ण जयंती समारोह प्राधिकरण के संयोजक राजीव शार्म, डीसी गौरी पराशर जोशी, डीसीपी अनिल धवन, बीजेपी महिला विंग की उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) संवर्तक सिंह, एसडीएम जगदीप ढांडा, नगराधीश ममता शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी सहित अन्य सभी अकादमियों के निदेशक एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।