इसके अलावा सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रदेश में सभी आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत महिला वर्करों को भी नियमित महिला वर्करों के समकक्ष मातृत्व अवकाश का लाभ मिलेगा। इसकी भी अधिसूचना जल्द जारी कर दी जाएगी। अब सरकारी बसों में कैंसर पीड़ित के साथ उसके सहयोगी की यात्रा भी मुफ्त होगी। जबकि पहले सिर्फ कैंसर पीड़ित ही यात्रा मुफ्त थी।
सीएम ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही अनुसूचित जाति आयोग का गठन कर दिया जाएगा और इनके सदस्य भी जल्द मनोनीत कर दिए जाएंगे। ये आयोग अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण और उनके अधिकारों को संरक्षित रखने में बड़ी मदद करेगा।
ग्राम पंचायत लिखकर दे, आबादी से बाहर जाएंगें शराब के ठेके
सीएम ने यह भी साफ कर दिया है कि प्रदेश में कोई भी ग्राम पंचायत या ग्राम सभा यदि सरकार को लिखकर देती है, तो उनके प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उस गांव में शराब के ठेकों को आबादी से दूर कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि हम शराब बंदी के पक्षधर नहीं है, क्योंकि यह प्रयोग वर्ष 1966 में हविपा-भाजपा सरकार में हम देख चुके हैं।
सरकार ने तो उस वक्त अपनी नेक नीयत से शराबबंदी की थी, मगर दो साल में इसके इतने दुष्परिणाम सामने आए कि इस फैसले को आखिरकार पलटना पड़ा। इसलिए शराब से भी मुक्ति तभी संभव है, जब इसके खिलाफ जनमत तैयार हो। लिहाजा हम गांववासियों से आह्वान करते हैं कि वे सरकार को प्रस्ताव दें, उनके गांव से शराब के ठेके आबादी से बाहर निकाल दिए जाएंगे।
सीएम ने एक सवाल के जवाब में स्पष्ट करते हुए कहा कि मनेठी में एम्स की घोषणा पीएम ने की है और राज्य सरकार भी इसके लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके लिए जो जमीन चयनित की गई थी, उसका एक बड़ा हिस्सा अरावली वन क्षेत्र के दायरे में आ गया है, इसलिए केंद्र से अभी तक इस प्रोजेक्ट को क्लीयरेंस नहीं मिली है।
इलाके के कुछ एक्स सर्विसमैन की कमेटी उनसे आकर मिली थी। उन्होंने आग्रह किया था कि वे जमीन का ये मसला हल करवाकर क्लीयरेंस का रास्ता साफ करवाने में मदद करें। सीएम ने कहा कि यदि फिर भी कोई पेच अड़ता है और इलाकावासियों को प्रोजेक्ट में कोई संदेह है तो मेरी तरफ से एक ऑफर है कि संबंधित इलाके में गांव 200 एकड़ जमीन इसके लिए उपलब्ध करवाए, जमीन की कीमत सरकार अदा करेगी और उस जमीन पर एम्स खड़ा कर दिया जाएगा।
फोर स्टार की कीमत पर फाइव स्टार मोटर लगाकर देगी सरकार
सीएम ने बताया कि सूबे में 84 हजार ट्यूबवेल कनेक्शन केस पेंडिंग पड़े हैं, जिन्हें दिसंबर 2020 तक पूरा करने का टारगेट है। उन्होंने कहा कि सरकार इन ट्यूबवेल पर फाइव स्टार रैटिंग वाली मोटर इसलिए लगाना चाहती है, क्योंकि इससे 30 फीसद बिजली बचत होगी। सीएम ने कहा कि मोटर लगाने में कोई फर्जीवाड़ा न करे, इसलिए ग्लोबल टेंडर के जरिए गुजरात की एक कंपनी ये फाइव स्टार मोटर उपलब्ध करवा रही है।
12035 किसानों ने मोटर के लिए पैसे भी जमा करवा दिए है। सरकार किसानों को फोर स्टार मोटर की कीमत पर फाइव स्टार मोटर लगवाकर देगी। कीमत का अंतर सरकार खुद भरेगी। उनके अनुसार मोटर खराब होने पर एक साल के लिए सर्विस सेंटर भी खुलेंगे। सभी किसानों को बिजली बचत के लिए सहयोग करना चाहिए, क्योंकि बची बिजली का लाभ भी हरियाणावासियों को ही मिलेगा।
नई गठबंधन सरकार ने भाजपा-जजपा के वादे धरातल पर लाने की तैयारी कर ली है। सरकार बनने के बाद से ही यह अटकलें लग रही थी कि दोनों पार्टियों के जिन वादों में भिन्नता है, वे कैसे धरातल पर उतरेंगे। इसके लिए दोनों दलों ने स्पष्ट किया है कि ये काम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत आगे बढ़ेगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। अंबाला कैंट से विधायक अनिल विज इस कमेटी के अध्यक्ष होंगे और 15 दिन के भीतर दोनों दलों का कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार कर लिया जाएगा।
75 हजार किसानों का 200 करोड़ माफ
सीएम ने सदन को बताया कि सरकार ने सहकारी समितियों व बैंकों के कर्जों ब्याज और जुर्माना माफ करने की घोषणा की थी। अभी तक 75 हजार किसानों ने इसका लाभ लिया है। इन किसानों का 200 करोड़ से अधिक ब्याज व जुर्माना माफ हो चुका है। लेकिन ऐसे किसानों की संख्या 7 लाख है। सीएम ने कहा कि सरकार इस सुविधा का लाभ उठाएं और हलका विधायक अपने इलाकों में किसानों को इस सुविधा के लिए प्रेरित करें।
अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगा पुनर्विचार
सीएम ने कहा कि अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों का मसला भी काफी समय से पेंडिंग है। एक विशेष कमेटी इस पर दोबारा मंथन करेगी। नियमों में बहुत ज्यादा ढील देना तो वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ समान होगा। लेकिन फिर भी मंथन के बाद कुछ अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को राहत जरूर मिल सकती है, इस बारे में मंथन कमेटी तय करेगी। ये कमेटी सभी केसों पर पुनर्विचार करेगी।