चंडीगढ़। भारतीय मजदूर संघ चंडीगढ़ ने प्रशासन से आरटीआई के माध्यम से कई जानकारियां मांगी हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि वह प्रशासन के जवाब के बाद अपनी लड़ाई को और मजबूत करेंगे।
भारतीय मजदूर संघ चंडीगढ़ और पंजाब के प्रभारी तरनदीप सिंह ग्रेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन कर्मचारियों की सेवाओं के लिए पंजाब सरकार के नियमों को लागू करता है। लेकिन वर्ष 2011 में जब पंजाब सरकार ने ठेका कर्मियों को नियमित करने की पॉलिसी अपनाई तो चंडीगढ़ में इसे क्यों नहीं लागू किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पिछले 20 सालों में अपने सभी विभागों में करीब 80 फीसदी कर्मचारी बाहर से रखे हैं। इन कर्मचारियों की कोई सुरक्षा नहीं और जैम पोर्टल में ठेकेदार लेबर कानूनों का उल्लंघन कर इनका खूब शोषण कर रहे हैं। जनरल सचिव पीएन शाही ने कहा कि प्रशासन के पास बाहर से कर्मचारी रखने का लाइसेंस है या नहीं, केंद्रीय दिशा-निर्देश, जैम पोर्टल द्वारा किए गए टेंडर की कापियों, तनख्वाह न देने पर ठेकेदारों पर की गई कार्रवाई व पेनल्टी, विभिन्न पदों पर समान वेतन न देकर सिर्फ डीसी रेट देने के प्रावधानों, ठेकेदार द्वारा दिए गए ईपीएफ व ईएसआई लाभों समेत कई सवाल प्रशासन से पूछे गए हैं।