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Chandigarh: रिश्वत के पैसे मुंशी को थमाकर भागा ASI, फिर सल्फास खाकर दी जान, बच्चों से करवाया पुलिस को फोन

Wed, 10 Jul 2024 06:30 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

सीबीआई ने सेक्टर-26 थाने से मालाखाना मुंशी एएसआई सतीश कुमार को 20 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ पकड़ा था। छापे से कुछ मिनट पहले ही एएसआई विजेंद्र रिश्वत के 20 हजार रुपये सतीश को देकर फरार हो गया था। बाद में एएसआई ने आत्महत्या कर ली।
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जांच करती सीएफएल की टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी पक्ष का बचाव करने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में सीबीआई के छापे से पहले ही फरार हुए सेक्टर-26 थाने के एएसआई विजेंद्र सिंह ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव सेक्टर-43 के रामलीला ग्राउंड के पास सड़क पर खड़ी कार से बरामद हुआ है। 

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सल्फास खाने के बाद एएसआई ने ग्राउंड में खेल रहे बच्चों को नशीला पदार्थ खाने की बात कही और पुलिस कंट्रोल रूम में भी फोन करने के लिए कहा। पुलिस मौके पर पहुंची और कार से एएसआई को निकालकर जीएमएसएच-16 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीबीआई की टीम भी मौके पर पहुंची।

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मंगलवार दोपहर में सीबीआई ने सेक्टर-26 थाने में छापा मारकर मालाखाना मुंशी एएसआई सतीश कुमार को 20 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ पकड़ा था। छापे से कुछ मिनट पहले ही एएसआई विजेंद्र रिश्वत के 20 हजार रुपये सतीश को देकर फरार हो गया था। पुलिस ने इस मामले में एएसआई विजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी विजेंद्र के कमरे सहित उसके अन्य ठिकानों पर भी छापा मारा गया लेकिन वह कहीं नहीं मिला। 

शाम को करीब छह बजे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन पर सूचना मिली कि सेक्टर-43 में एक पुलिसकर्मी ने नशीला पदार्थ खाया है और बेसुध पड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात एसएसपी कंवरदीप कौर ने भी सेक्टर-16 अस्पताल में पहुंचकर मुआयना किया। एसएसपी ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने विजेंद्र की गाड़ी की भी तलाशी ली लेकिन उससे कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

सेक्टर-26 थाने में मार्च 2024 में मारपीट से संबंधित एक केस दर्ज किया गया था। इस मामले में नामजद आरोपी भूरा पर दूसरे पक्ष के युवक को चाकू घोंपने का भी आरोप था। इसके चलते मामले में हत्या के प्रयास की धारा 307 भी लगाई गई थी। आरोपी भूरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी अभी तक बुड़ैल जेल में बंद है और उसकी जमानत नहीं हुई है। भूरा के खिलाफ जांच टीम ने कुछ सैंपल लेकर सीएफएल भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट कुछ ही दिनों में आने वाली थी। 
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इस मामले की जांच का जिम्मा एएसआई विजेंद्र सिंह के पास था। जांच अधिकारी ने आरोपी पक्ष का मामले में बचाव करने के लिए उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोपी के परिजनों ने एएसआई विजेंद्र से रिश्वत के संबंध में बातचीत की और पैसे देने के लिए भी राजी हो गए।

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