पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की प्रॉपर्टी को लेकर दाखिल दूसरी याचिका में स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट इस मामले को जनहित याचिका के तहत स्वीकार नहीं करेगा।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरूण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने याची पक्ष से सवाल किया कि आशुतोष महाराज की सम्पत्ति सार्वजनिक कैसे हो सकती है।
सुनवाई के दौरान याची ने दलील दी कि आशुतोष के पास हजार करोड़ से ऊपर सम्पत्ति है और इस सम्पत्ति पर लोगों का हक बनता है। लिहाजा इस सम्पत्ति को चैरिटेबल के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है।
इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि वे बताएं कि ये सार्वजनिक सम्पत्ति कैसे है। बसपा नेता मोहिंद्र पाल सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वे आशुतोष महाराज की प्रॉपर्टी के संरक्षण के लिए आयुक्त नियुक्त करने के निर्देश जारी करें।